नया उपभोक्ता संरक्षण विधेयक वर्ष के अंत देशभर में होगा लागू

नया उपभोक्ता संरक्षण विधेयक वर्ष के अंत देशभर में होगा लागू
नकली सामान के नुकसान पर रु. 3 लाख जुर्माने का प्रावधान: भ्रामक विज्ञापन देने पर रु. 10 लाख का आर्थिक दंड
हमारे संवाददाता
नई दिल्ली । नया उपभोक्ता संरक्षण विधेयक इस वर्ष के अंत तक देश भर में लागू हो जाएगा।जिसको लेकर यह विधेयक संसद के दोनों सदनों से पारित हो चुका है और इसके लागू होने के बाद कोई भी दुकानदार या उत्पाद निर्माता उपभोक्ताओं को धोखा नहीं दे पाएगा।यह नया उपभोक्ता संरक्षण कानून 1986 का स्थान लेगा।
दरअसल यदि मिलावटी या नकली सामान से उपभोक्ता को कोई नुकसान होता है तो सामान बनाने वाले को छह माह की जेल और एक लाख रुपए तक का जुर्माना हो सकता है।यदि उपभोक्ताओं को उस मिलावटी सामान के इस्तेमाल से मामूली नुकसान होता है तो एक साल की जेल और तीन लाख रुपए जुर्माने का प्रावधान किया गया है।वहीं नकली सामान के इस्तेमाल से उपभोक्ता को गंभीर नुकसान होता है तो निर्माता को सात साल की जेल और 5 लाख रुपए का जुर्माना होगा।यदि मिलावट या नकली सामान के इस्तेमाल से उपभोक्ता को मौत हो जाती है तो सामान बनाने वाले को उम्रकैद की सजा भी मिल सकती है और कम से कम 10 लाख रुपए का जुर्माना होगा।वहीं इस प्रकार के मैन्युफैक्चरर्स के लाइसेंस को रद्द करने का प्रावधान किया गया है।हालांकि बिना नुकसान वाली स्थिति में मैन्युफैक्चरर्स के लाइसेसं को सस्पेंड किया जाएगा।यदि मैन्युफैक्चरर्स अपने उत्पाद की बिक्री को लेकर भ्रामक या तथ्य से हटकर विज्ञापन देता है तो भी मैन्युफैक्चरर्स को जेल जाना होगा।जिसके तहत पहली बार भ्रामक विज्ञापन देने पर दो साल तक की कैद और 10 लाख रुपए तक का जुर्माना या फिर ऐसा करने पर पांच साल की कैदा और 50 लाख रुपए का जुर्माना होगा।वहीं उपभोक्ता की शिकायत सुनने को लेकर एक सेन्ट्रल अथॉरिटी भी निर्माण किया जाएगा।ऐसे में सेन्ट्रल अथॉरिटी के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में ही चुनौती दी जा सकेगी।जिसको लेकर कोई भी व्यक्ति शिकायत कर सकता है और 21 दिन के भीतर उसकी शिकायत स्वत: दर्ज हो जाएगी।

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