टेरी टॉवेल निर्माताओं ने पेट बोतल, यार्न वेस्ट से लागत में की कमी

मुंबई। निर्यात बाजार में स्पर्धा करने के लिए भारत के टेरी टॉवेल निर्माताओं ने रिसाइकल्ड पेट बोतल और होजियरी से निर्मित ब्लेंडेड यार्न का उपयोग करना शुरू किया है।
उन्हें पाकिस्तान, जहां मुद्रा का मूल्य घट गया है और बांग्लादेश सरकार की अच्छी नीतियों से मदद मिलती है, उसे तीव्र स्पर्धा का सामना करना पड़ता है। जून से अमेरिकन सरकार द्वारा जनरलाइज्ड सिस्टम ऑफ प्रिफरेंस (जीएसपी) के तहत भारत को दी गई राहत वापस लेने से यूएस को भारतीय टेरी टॉवेल निर्यात 10% महंगा हो गया है। पाकिस्तान एवं बांग्लादेश दोनों को जीएसपी लाभ मिलना जारी है।
एक टेरी टॉवेल निर्माता ने कहा कि स्पर्धा में बने रहने के लिए कच्चे माल की लागत में कमी करना एकमात्र उपाय है। लागत में कमी करने के लिए हम पेट बोतल एवं अन्य रिसाइकल्ड मटीरियल का उपयोग कर रहे है। इनका उपयोग करने से हमारा टेरी टॉवेल पाकिस्तान द्वारा उत्पादित की तुलना में 20% सस्ता हो गई है जिससे हम जीएसपी वापस लिए जाने के बावजूद यूएस बाजार में स्पर्धात्मक बन गए है।
भारत में पेट बोतल एवं होजियरी वेस्ट पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। भारत में गत वर्ष से रुई का मूल्य बढ़ रहा है।
टेक्सटाइल डेवलपमेन्ट फाउंडेशन के एक पदाधिकारी ने कहा कि टेरी टॉवेल में चार परतें होती है। 

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