कपास का रकबा छह और रुई उत्पादन 20 प्रतिशत बढ़ेगा

कपास का रकबा छह और रुई उत्पादन 20 प्रतिशत बढ़ेगा
इब्राहिम पटेल  
मुंबई। जी-7 बैठक के अंत में अमेरिका और चीन द्वारा आमने सामने ट्रेड वॉर शुल्क के बारे में बातचीत के बाद कमोडिटी कॉम्प्लेक्स में विशेषकर रुई बाजार में नकारात्मकता सर्जित हुई थी। रुई की मांग एकदम कमजोर हुई है, वहीं निवेशकों का सेंटिमेंट भी तल पर बैठ गया है। वर्तमान में बाजार जी-7 के बाद में व्यापार क्षेत्र में कैसा बदलाव आता है, उसके उपर नजर रखकर बैठी है। यूएस चीन ट्रेड वॉर की वजह से मांग कमजोर होने से इस साल अब तक में रुई के भाव 21 प्रतिशत घट गए है।आईसीई न्यूयॉर्क रुई वायदा सोमवार को 1 फरवरी 2016 के तल 56.59 सेंट प्रति पाउंड (454 ग्राम) बोला गया था, उसके बाद दो दिन से मंदड़ियों ने कुछ शार्ट कवरिंग के साथ मुनाफा वसूली करने से, भाव बढ़कर 58.82 सेंट हुए थे। दुनिया के सबसे बड़े निर्यातक अमेरिका में रुई फसल के बारे में कुछ चिंता जताई है। सूखे मौसम के कारण सबसे बड़े उत्पादक राज्य टेक्सास में बोआई के संयोग कमजोर हुए है। अमेरिकी कृषि मंत्रालय के 25 अगस्त तक के आंकड़ों से पता चलता है कि फसल पिछले सप्ताह की 49 प्रतिशत की तुलना में 43 प्रतिशत गूड से एक्सेलेंट थी।  

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