हीरा-कपड़ा उद्योग जीएसटी की समस्या के समाधान हेतु वित्तमंत्री सीतारामन का आश्वासन

हीरा-कपड़ा उद्योग जीएसटी की समस्या के समाधान हेतु वित्तमंत्री सीतारामन का आश्वासन
आईटीसी-04 को क्यों रद्द किया जाए, कारण बताएं - वित्तमंत्री
हमारे प्रतिनिधि
सूरत। अमेरिका-चीन के व्यापार युद्ध का असर स्थानीय हीरा उद्योग तक पहुंचा है तथा जीएसटी लागू होने के बाद से स्थानीय कपड़ा उद्योग मंदीग्रस्त है। हीरा उद्योग में कारीगरों की छंटनी और कपड़ा उद्योग में वीवर्स से लेकर व्यापारियों तक की खराब स्थिति पर सरकार का ध्यान आया है। केद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारामन ने सूरत के कपड़ा और हीरा उद्योग के प्रतिनिधिमंडल के साथ दिल्ली में बैठक आयोजित कर उद्योग को जीएसटी के प्रश्नों के समाधान हेतु आश्वासन दिया है।
जेम एंड ज्वेलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन कासिल (जीजेइपीसी) के गुजरात रीजन के चेयरमैन और दक्षिण गुजरात चेम्बर आफ कामर्स के उपप्रमुख दिनेशभाई नावडिया, सूरत डायमंड एसोसिएशन के पूर्व प्रमुख बाबूभाई गुजराती, वीवर्स अग्रणी देवेशभाई पटेल, नीटिंग अग्रणी व्रिजेश गोंडलिया सहित उद्यमियों का एक प्रतिनिधिमंडल दिल्ली केद्रीय वित्तमंत्री सीतारामन के पास दोनों उद्योगों की समस्याओं को लेकर पहुंचा।
जाबवर्क पर ऊंची जीएसटी के कारण दोनों उद्योगों की कठिनाई बढ़ी है। जाब वर्क पर 5 प्र.श. जीएसटी के कारण उद्यमियों की बड़ी रकम फंसी है। बाजार की वर्तमान स्थिति को ध्यान में रखकर जाब वर्क की दर में राहत की मांग उद्योग ने की है। 
इसके अलावा हीरा उद्योग में अलग-अलग सर्विस पर 12 से 18 प्र.श. जीएसटी दर है। ग्रेडिंग और सर्टिफिकेशन की प्रक्रिया में ऊंची दर चुकानी पड़ती है। सूरत के प्रतिनिधिमंडल ने बेल्जियम के सिस्टम के आधार पर जीएसटी दर लागू करने की मांग की है।
कपड़ा उद्योग में भी जाब वर्क पर जीएसटी दर के कारण कठिनाई बढ़ी है। 0.2 प्र.श. जीएसटी दर रखने की मांग पर जोर दिया गया है। इसके अलावा वीवर्स की क्रेडिट रिफंड नोटीफिकेशन प्रकाशित कर रिलीज करने की मांग के साथ आईटीसी-04 को कायम रूप से रद्द करने की मांग की गयी है।
ईपीसीजी योजना के तहत मशीनरी आयात करने के बाद उस मशीन के उत्पादन के निर्यात के अनुसार सीबीडी और एसएडी टैक्स का रिफंड पहले दिया जाता था वह पुन: शुरू करने की मांग की गयी है।
मीटिंग में वित्तमंत्री निर्मला सीतारामन ने स्पष्ट किया कि उद्यमियों को सिस्टम में आना ही पड़ेगा और आईटीसी-04 को रद्द करने की प्रतिनिधिमंडल के मांग को ठुकरा दिया है। उल्टे किस लिए आईटीसी-04 रद्द की जाए उस बारे में कारण मांगा है। दूसरी तरफ वित्तमंत्री ने सूरत के प्रतिनिधिमंडल को आगामी 20 ता. को आयोजित होने वाली बैठक में जीएसटी संबंधी प्रश्नों के समाधान का आश्वासन दिया है।

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