क्लाइमेंट जोन के हिसाब से बनेगा नेशनल क्रॉपिंग प्लान

क्लाइमेंट जोन के हिसाब से बनेगा नेशनल क्रॉपिंग प्लान
वर्ष के अंत तक इस मसौदे को दिया जाएगा अंतिम रूप
हमारे संवाददाता
नई दिल्ली । देश में कृषि उत्पादों की मांग व आपूर्ति में समन्वय स्थापित करने को लेकर केद्र सरकार की तरफ से नेशनल क्रॉपिंग प्लान तैयार कर रही है।जिसका मसौदा चालू वर्ष के अंत तक बना लिया जाएगा।
दरअसल जल शक्ति योजना के तहत जल के वैज्ञानिक प्रयोग के बारे में चर्चा करते हुए इंडियन काउंसिल ऑफ एग्रीकल्चरल रिसर्च (आईसीएआर) के महानिदेशक डॉ.त्रिलोचन महापात्रा ने देश में घटते प्राकृतिक संसाधनों और खाद्यान्न की बढती मांग को पूरा करने को लेकर वैज्ञानिकों के प्रयासों पर जोर दिया।उन्होंने कहा कि देश में क्लाइमेंट जोन के हिसाब से राष्ट्रीय स्तर पर फसलों की खेती को योजना का मसौदा तेयार किया जाएगएा। जिसमें खाद्यान्न की मांग व आपूर्ति को ध्यान में रखकर जिलावार और क्लाइमेट जोन के हिसाब से होने वाली खेती की सिफारिश की जाएगी।उन्होंने पानी की किल्लत की चुनौती से निपटने को लेकर फसलें की विविधीकरण और जल के वैज्ञानिक उपयोग पर जोर दिया।जिसको लेकर आरसीएआर ने क्रॉपिंग के उपायों पर काम करना शुरु कर दिया है।इसमें जल की उपलब्धता और वहां की जलवायु के हिसाब से फसलों की खेती की सिफारिश की जाएगी।उन्होंने कहा कि जल की प्रति व्यक्ति उपलब्धता 1951 में 51,77 क्यूबिक मीटर थी जो कि 2014 में घटकर 1508 क्यूबिक मीटर रह गई।

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