बक्कत बिटकॉइन वायदा के जन्म के साथ भाव 25 प्रतिशत घटा

इब्राहिम पटेल
संस्थागत क्रिप्टोकरेंसी निवेशकों ने लंबी अवधि तक इंतजार के बाद वायदा कारोबार की सुविधा प्राप्त की है। बक्कत फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट का 23 सितंबर को जन्म होते ही एक सप्ताह में 25 प्रतिशत की भाव गिरावट के साथ बिटकॉइन ऊल्टे मुंह गिरा था। इंटरकांटिनेंटल एक्सचेंज (आईसीई) के वेयरहाउस और फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट के विनियमन और सहयोग में बिटकॉइन बक्कत वायदा के बारे में लगातार 13 महीनों तक सवाल उठते रहे, दो बार अवतरण स्थगित करना पड़ा, तत्पकाात वायदा आखिरकर टिकर बोर्ड (भाव फलक) पर आया था। बक्कत वायदा 30 दिनों की डिलिवरी कॉन्ट्रैक्ट के साथ अवतरण हुआ है। बक्कत बिटकॉइन वायदा का जन्म होते ही मंदौड़ियों ने इसे घेर लिया था। 2017 में जब सीएमई और सीबीओई (शिकागो बोर्ड ऑप्शन एक्सचेंज) ने बिटकॉइन वायदा शुरू किया तब भी मंदौड़ियों ने बिटकॉइन की ऐसी ही अवगत की थी। 
बक्कत वायदा का 23 सितंबर को जन्म होने से पहले बिटकॉइन का हाजिर भाव 10,000 डॉलर के ऊपर था। लेकिन 30 सितंरबर (सोमवार) को 8,000 डॉलर के अंदर चला गया था। जेपी मोर्गन बैंक का कहना हैकि सोमवार को एक ही दिन में भाव 350 टूटे होने से, इस सप्ताह भाव गिरावट रुकने की संभावना कम है। सोमवार को बिटकॉइन का भाव 7772 और 8163 डॉलर की व्यापक रेंज में बोले गए थे। एक ही दिन के 4 प्रतिशत की इस भाव गिरावट के साथ बिटकॉइन की कुल मार्केट कैपिटल घटकर 141 अरब डॉलर रह गई है। अगली तिमाही में भी बाजार में बड़ी तेजी संभव नहीं दिख रही है। भाव इतने बड़े पैमाने पर क्यूं गिरे इसकी कोई स्पष्ट वजह नहीं मिल रही ।

© 2019 Saurashtra Trust

Developed & Maintain by Webpioneer