होम लोन, ऑटो लोन व पर्सनल लोन की ब्याज दर होगी सस्ती

हमारे संवाददाता
नई दिल्ली । रिजर्व बøक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने 4 अक्टूबर 2019 को छह सदस्यीय समिति की बैठक की अध्यक्षता आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास ने की थी और मौद्रिक नीति की समीक्षा में रेपो रेट में 0.25 प्रतिशत की कटौती की है।ऐसे में आरबीआई के इस फैसले से अब रेपो रेट 5.40 प्रतिशत से घटकर 5.15 प्रतिशत और रिवर्स रेपो रेट 4.90 प्रतिशत रह गया है।इससे होम लोन,ऑटो लोन और पर्सनल लोन सहित सभी प्रकार के लोन सस्ते हो जाएंगे।
दरअसल आरबीआई की रेपो रेट कटौती के बाद बøक भी अब सस्ते ब्याज दर पर होम लोन,ऑटो लोन,पर्सनल लोन सहित अन्य लोन ऑफर कर पाएंगे।ऐसे में आरबीआई के इस फैसले से उन लोगों को फायदा मिलेगा जिनकी होम या ऑटो लोन की ईएमआई चल रही है।चूंकि आरबीआई के रेपो रेट कटौती के बाद बøकों पर ब्याज दर कम करने का दबाव बनेगा।इससे लोगों को लोन सस्ता में मिल जाएगा।उल्लेखनीय हैकि इस बार रेपो रेट कटौती का ग्राहकों को तुरन्त फायदा मिलने की उम्मीद है। दरअसल आरबीआई ने सभी बøकों को होम लोन,ऑटो लोन,पर्सनल लोन सहित एसएमएसई सेक्टर को सभी नए फ्लोटिंग रेट वाले लोन को रेपो रेट सहित बाहरी मानकों से जोड़ने का निर्देश दिया है।इससे रेपो रेट में कटौती का लाभ कर्ज लेने वाले उपभोक्ताओं तक जल्द पहुंच सकेगा।
उल्लेखनीय हैकि आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास ने पहले ही संकेत दे चुके है कि महंगाई दर में कमी को देखते हुए रेपो रेट में नरमी की गुंजाईश बनी हुई है।हालांकि पिछले दिनों उन्होंने कहा था कि कॉरपोरेट टैक्स में कटौती के साथ विभिन्न वस्तुओं पर जीएसटी दर में कटौती को देखते हुए केद्र सरकार को लेकर राजकोषीय गुंजाईश सीमित है।ऐसे में उम्मीद हैकि देश की अर्थव्यवस्था में तेजी लाने को लेकर रेपो रेट पर राहत दें।ज्ञातव्य हो कि रेपो रेट वह दर होती हैजिस पर बøकों को आरबीआई कर्ज देता है।बøक इस कर्ज से ग्राहकों को लोन मुहैया कराते है।रेपो रेट कम होने का अर्थ हैकि बøक से मिलने वाले तमाम तरह के कर्ज सस्ते हो जाएंगे।यह वह दर होती हैजिस पर बøकों को उनकी तरफ से आरबीआई में जमाधन पर ब्याज मिलता है।रिवर्स रेपो रेट बाजारों में नकदी की तरलता को नियंत्रित करने में काम आती है।
इसीबीच आरबीआई की तरफ से रेपो रेट में कटौती किए जाने पर नीति आयोग के वाइस चेयरमैन राजीव कुमार ने प्रशंसा की है।उन्होंने कहा कि आरबीआई की तरफ से यह नीतिगत दरों में की गई लगातार पांचवीं कटौती है।उन्होंने कहा कि केद्र सरकार विकास दर को बढाने को लेकर प्रयासरत है।उन्होंने कहा कि रेपो रेट कम होने से बøकें की तरफ से ब्याज दर में कटौती होगी और इसका सीधा असर ग्रोथ रेट पर पड़ेगा।उन्हेंने कहा कि केद्र सरकार विकास दर को 8 प्रतिशत पर पहुंचाना चाहती हैजो कि लगभग 6.5 प्रतिशत पर चल रही है।हम लगातार हाई ग्रोथ रेट को लेकर फोकस कर रहे है।   

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