स्पिनिंग मिलों को आर्थिक मंदी से उबारने की सख्त जरूरत

स्पिनिंग मिलों को आर्थिक मंदी से उबारने की सख्त जरूरत
हमारे संवाददाता
नई दिल्ली । पिछले काफी अर्से से कॉटन यार्न की घरेलू व निर्यात मांग कमजोर रहने के चलते देश भर की स्पिनिंग मिलों में कॉटन यार्न के स्टॉक का भारी जमाव बना हुआ है।जिससे देश भर की स्पिनिंग मिलों के उद्यमियों के समक्ष आर्थिक स्थिति विकट हो रखी है।जिससे स्पिनिंग मिलों के उद्यमियों द्वारा कॉटन यार्न के उत्पादन में कटौती करने पर मजबूर हो रहे है।जिससे देश भर की स्पिनिंग मिलों में कार्यरत कामगारों को सीधे तौर पर बेरोजगारी का सामना करना पड़ रहा है।ऐसे में देश भर की स्पिनिंग मिलों के उद्यमियों की तरफ से मोदी सरकार से गुजारिश की जा रही हैकि कॉटन यार्न के निर्यात शुल्क को मुक्त किया जाए और निर्यातकों को मिलने वाले प्रोत्साहन राशि बढाया जाए ताकि वैश्विक बाजार में भारतीय कॉटन यार्न के निर्यात को समय रहते सुधारा जा सकेगा।जिससे ही सही मायने में देश की स्पिनिंग मिलों में उत्पादन प्रक्रिया से लेकर वितरण प्रक्रिया में स्थिति सुधर सकेगी। 
इस बाबत मेरठ,पानीपत व काशपुर की सिंघल स्पिनटेक्स प्राइवेट लिमिटेड (एसएसपीएल) एवं मेरठ व दिल्ली की लक्की टेक्स स्पिनर्स लिमिटेड के चेयरमैन श्री राम ऋषि सिंघल ने एक टेलीफोनिक वार्ता में बताया कि इस समय देश भर की स्पिनिंग मिलों की स्थिति बेहद दयनीय हैक्योंकि घरेलू व निर्यात मांग कमजोर रहने के चलते स्पिनिंग मिलों में कॉटन यार्न का भारी स्टॉक जमा हो रखा हैऔर इसकी निकासी नहीं हो पा रही है।जिससे देश भर की स्पिनिंग मिलों के उद्यमियों के समक्ष आर्थिक स्थिति बेहद गंभीर हो रखी है।ऐसी स्थिति में पिछले कुछ अर्से से हरियाणा के पानीपत की स्पिनिंग मिलों में कॉटन यार्न के उद्यमियों द्वारा कॉटन यार्न के उत्पादन को सप्ताह में एक दिन बंद रखा जा रहा है।वहीं पंजाब के समाना की स्पिनिंग मिलों में एक महीने में लगभग 7 दिन काटन यार्न का उत्पादन बंद रखा जा रहा है।वहीं दक्षिण भारत की स्पिनिंग मिलों के उद्यमियों द्वारा स्पिनिंग मिलों में कॉटन यार्न के उत्पादन में व्यापक रुप से कटौती की जा रही है।जिससे स्वभाविक हैकि देश भर की स्पिनिंग मिलों में कार्यरत कामगार को सीधे तौर पर बेरोजगारी का सामना करना पड़ रहा है।ऐसी गंभीर स्थिति को देखते हुए श्री सिंगल ने मोदी सरकार से गुजारिश की हैकि समय रहते चीन के साथ कॉटन कारोबार को लेकर फ्री ट्रेड एग्रीमेंट किया जाए ताकि भारतीय कॉटन के निर्यात को सुधारा जा सकेगा।वहीं चीन के साथ बंगलादेश,पाकिस्तान व वियतनाम फ्री ट्रेड एग्रीमेंट हो रखा है।

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