भारत की कालीमिर्च का न्यूनतम आयात भाव काफी ऊंचा श्रीलंका

भारत की कालीमिर्च का न्यूनतम आयात भाव काफी ऊंचा श्रीलंका
कोलकाता। भारत सरकार ने कालीमिर्च और सुपारी का न्यूनतम आयात भाव अवास्तविक रूप से ऊंचा निश्चित किया है, ऐसी शिकायत श्रीलंका के व्यापारी ने की है।
श्रीलंका के स्पाइसिस एंड अलाइड प्रोडक्ट्स प्रोडय़ुसर्स एंड ट्रेडर्स एसो. (साप्टा) ने कहा कि भारत ने कालीमिर्च और सुपारी के आयात के लिए काफी ऊंची न्यूनतम आयात कीमत निश्चित करने से श्रीलंका का आयात प्रभावित हुआ है। पहले भारतीय व्यापारियों ने शिकायत की थी कि श्रीलंका में कालीमिर्च का भाव भारत द्वारा निश्चित किए गए न्यूनतम आयात भाव से नीचे चले जाने के बावजूद वहां से कालीमिर्च का आयात बढ़ रहा है। श्रीलंका में कालीमिर्च का प्रति टन भाव 3800 डालर से घटकर 2800 डालर हो गया था, जबकि भारत का न्यूनतम आयात भाव प्रति टन 7000 डालर (प्रति किलो 500 रु.) था। इंडियन पेपर एंड स्पाइस ट्रेडर्स, ग्रोअर्स एंड प्लान्टर्स कॉन्शोर्सियम की केरल शाखा के संयोजक किशोर शामजी ने कहा कि बहुत से भारतीय आयातक 7000 डालर के भाव का इंवाइस बताकर कस्टम में पेश करते है, लेकिन वास्तव में वे इससे काफी कम रकम का भुगतान करते है। कुछ आयातक इस भाव फर्क का उपयोग देश के बाहर पूंजी भेजने के लिए करते है।
साप्टा ने ऐसा भी सवाल उठाया हैकि उसके देश के निर्यात को इस तरह प्रभावित किया जाता हो तो दोनों देशों के मुक्त व्यापार करार का अर्थ ही क्या है? श्रीलंका में कालीमिर्च का मौजूदा भाव प्रति किलो 200 रु. के आसपास हैजबकि भारत में भाव 300-325 रु. है।
मात्रा की दृष्टि से कालीमिर्च का सबसे अधिक खपत करने वाले देशों में विएतनाम (1,66,000 टन) के साथ शीर्ष पर है, जबकि उसके बाद भारत (86,000 टन) और अमेरिका (68,000 टन) आता है। इन तीनों देशों का दुनिया में कालीमिर्च की कुल खपत में 41% हिस्सा है। उसके बाद बल्गेरिया, इंडोनेशिया, चीन, सिंगापुर, मलेशिया, श्रीलंका, जर्मनी, यूएई और ब्रिटेन आता हैजिनका वैश्विक खपत में कुल हिस्सा 33% है।
मूल्य की दृष्टि से भी कालीमिर्च की खपत में विएतनाम (90.4 करोड़ डालर), भारत (50.6 करोड़ डालर)  और अमेरिका (37.4 करोड़ डालर) प्रमुख देश है।
निर्यात में 142 लाख टन का निर्यात करनेवाला विएतनाम विश्व में कालीमिर्च का सबसे बड़ा निर्यातक देश है। उसके बाद ब्राजिल (73,000 टन), इंडोनेशिया (36,000 टन), भारत 17,000 टन), श्रीलंका (15,000 टन) और मलेशिया 12,000 टन) का क्रम आता है।

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