निर्माण कार्य़ों से रोक नहीं हटी तो कारोबारी करेंगे आंदोलन

प्रकाश जावेडकर से शीघ्र मिलेंगे कारोबारियों के प्रतिनिधिमंडल
हमारे संवाददाता
दिल्ली में निर्माण उद्योग से संबंधित व्यवसाइयों और विशेषज्ञों की तरफ से 27 नवम्बर 2019 को कांस्टिय़ूशन क्लब,रफी मार्ग,नई दिल्ली में एक बैठक आयोजित की गई थी।जिसमें निर्माण उद्योग से संबंधित व्यवसाइयों व विशेषज्ञों की तरफ से मांग की गई है कि दिल्ली में निर्माण उद्योग से शीघ्र प्रतिबंध हटाया जाए।ऐसे में यदि ऐसा नहीं होने पर कारोबारी आंदोलन करने को लेकर सड़कों पर उतरने पर विवश होंगे।
इस मौके पर दिल्ली के निर्माण उद्योग बचाओ मोर्चा श्री संदीप गुप्ता,श्री सतीश गर्ग एवं प्रवीण कुमार की अगुवाई में निर्माण कार्य पर रोक से होने वाले प्रभाव को लेकर कारोबारियों ने अपनी आवाज बुलंद की गई।जिसके तहत निर्माण कार्य पर प्रतिबंध के चलते हजारों उद्योग बंद हो गए है और लाखों कामगार बेरोजगार हो गए है।जिसके तहत बेरोजगार का आलम यह है कि दिल्ली से लाखों मजदूर अन्य शहरों या अपने गांव को पलायन कर रहे है।ऐसे में व्यवसाय से संबंधित छोटा व मध्यम व्यवसाई अपने स्थाई कर्मचारी को वेतन देने में असमर्थ होता जा रहा है।चूंकि किराए की संपत्ति पर कतिम करने वाली व्यवसाई अपने किराए का भुगतान करने में असमर्थ है।व्यवसाय से संबंधित मालवाहक गाड़ी,जेसीबी,पोकलड आदि मशीनों के किस्त जमा नहीं कर पा रहे है।निर्माण काय्र से संबंधित लोगों के बीच आपसी संबंध पर संकट व कानून व्यवस्था खराब होने का खतरा मंडरा रहा है।ऐसे में व्यवसाय रुकने से बकों से लिया हुआ कर्ज हम वापस नहीं कर पा रहे है ।बाजार में नकदीप्रवार पर प्रभाव पड़ा है।देश की अर्थव्यस्था पर भी इसका प्रभाव पड़ रहा है।लोग निवेश करने में असमर्थ है।ऐसे में निर्माण के साथ अने व्यवसाय जुड़े है जैसे कि परिवहन, सामग्री, सीमेंट, इस्पात, लकड़ी, पत्थर, विद्युतीय, सेनेटरी, फर्निशिंग और सबसे बड़ा श्रम जुड़ा हुआ है।ऐसे में निर्माण कार्य से संबंधित व्यवसाइयों की तरफ से कहा गया कि दिल्ली में निर्माण कार्य में अधिकाधिक कार्य ऐसे है जिससे प्रदूषण नहीं होता है।जिसमें शटरिंग,सरिया बांधना,रेडी मिक्स कंकरीट का कार्य,ब्लॉक वर्क,लकड़ी फर्निशिंग,पेंट, भवन लेआउट बनाने का कार्य शामिल है।जिसको लेकर व्यवसाइयों की तरफ से कहा गया है कि हम संबंधित संस्थानों व केद्र व दिल्ली सरकार से आग्रह करते है कि भयावह स्थिति को ध्यान में रखते हुए निर्माण उद्योग से प्रतिबंध हटवाए जाएं अन्यथा हम आगामी दिनों में संघर्ष करने को बाध्य होंगे।जिसको लेकर दिल्ली के निर्माण उद्योग बचाओ मोर्चा की तरफ से एक प्रतिनिधिमंडल जिसमें सभी वर्गो के मुख्य सदस्य शामिल होंगे जो कि केद्रीय पर्यावरण व जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री प्रकाश जावेडकर से मिलकर उन्हें अपनी समस्या से अवगत कराएंगे।यदि फिर भी हमारी समस्या का समाधान नहीं निकला तो हम आंदोलन के लिए पूर्ण रुप से तैयार होंगे।

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