दाल-दलहनों में मंदी के बाद भारी तेजी

हमारे संवाददाता
दलहन गत् हप्ते तेज रहे। चने की अगली फसल के पूर्व चना स्टॉक में से निकलकर आता जा रहा है और भाव भी लगातार स्थिरता पर है। विगत् हप्ते चने में लगभग 100 रु. की बढ़ोत्तरी हुई थी उसमें पुन: नरमी होना बताई जा रही थी। भाव चना कांटा 4350 से 4375 रु. तक स्थिर था। चने के भाव के समर्थन से बेसन भाव 3075 रु. तक स्थिर ही रहे। ताजा उत्पादन और भर सीजन में मूंग ऊंचे में यह 7300 रु. तक थोक मंडी में यह बिक चुका है। हालांकि भारी ऊंचे भाव पर कमजोर मांग में उतरते भाव पर गत् यह 7000-7200 रु. तक बताया जा रहा था। हप्ते तुवॉर लेमन 5200 रु., महाराष्ट्र तुवॉर 5500 से 5600 रु. और म.प्र. तुवॉर 5000-5300 रु. तक बताई जा रही थी। लेवाली कमजोर रहने से तुवॉर भी नरमी में चल रही थी। भारी ऊंचे भावों पर दालों में मांग कमजोर चल रही बताते है। सट्टे में बढ़े या परिस्थतिजन्य है यह तो सट्टेबाज या सरकार ही बता सकती है कि भाव इतने अप्रत्याशित क्यो उपर हो गये थे। मूंग, मसूर, उड़द और तुवॉर में 4-8 रु. तक भाव बढ़े बताये गये है। व्यापारिक मनोशक्ति से खेरची में दालों में नरमी की संभावना कम प्रतीत हो रही बताते है। दाल- दलहनों में तेजी  के बाद गत् हप्ते गुरुवार को मंदी में चना दाल पर कोई 10 रु., की कमी हुई मगर  तुवॉर और दाल में 5 रु. तथा उड़द-मूंग में कोई 5-6 रु. की तेजी होना बताई गई है। कर्नाटक तेरफ नये मूंग की भारी आवक शुरू हो गई बताया जा रहा है। बावजूद उधर थोक मंडी में कोई 100 से 200 रु. तक भाव बढ़ गये बताए जा रहे है। पिछले वर्ष में करोड़ों रुपया से कमोडिटी व्यापार के नये सट्टा संस्थानों की स्थापना शायद स्टॉक और सट्टे में ऊंचे भाव से इनकी भारी कमाई हुई  बताते है। इनके पास पर्याप्त स्टॉक होना बताया जा रहा  है। काबुली चना डॉलर में गत् व्यापारिक मांग टूटने से मंदी 5500 रु. तक बताए जा रहे थे।

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