उत्तर प्रदेश के भदोही की कालीन बिखेरेगी जर्मनी मेले में अपनी रौनक

हमारे संवाददाता
नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश के भदोही की कालीन अपनी रौनक जर्मनी मेल में बिखेरेगी।ऐसे में आर्थिक मंदी से जूझ रहे कालीन उद्योग को उबारने को लेकर निर्यातकों ने 110 स्टॉलों की बुकिंग करा ली है और ग्राहकों के बदलते मिजाज को भांपकर नई वेरायटी के उत्पादों को रखने की तैयारी शुरु कर दी है।
दरअसल जर्मनी के हनोवर में अगले वर्ष 10-13 जनवरी 2020 तक चार दिवसीय डोमोटेक्स कालीन मेला आयाजित किए जाएंगे।हालांकि पिछले दिनों वाराणसी में संपन्न इंडिया कारपेट से मिली निराशा के बाद अब निर्यातकों को डोमोटेक्स से उम्मीद लगी है।ऐसे में अंतरराष्ट्रीय डोमोटेक्स कालीन मेले कालीन निर्यात संवर्द्वन परिषद (सीईपीसी( के माध्यम से 150 निर्यातक स्टॉल लगाते है वहीं दस से 12 निर्यातक स्वतंत्र रुप से इस मेले में भागीदारी करते ह।ऐसे में सीईपीसी के जरिए 110 लोगों ने स्टॉल बुक कराया है।हालांकि बुकिंग की प्रक्रिया बदस्तूर जारी है।जिसको लेकर सीईपीसी के वरिष्ठ प्रशानिक सदस्य उमेश कुमार गुप्ता ने कहा कि डोमोटेक्स मेले में देश के विभिन्न स्थानों से भाग लेने वाले उद्यमियों में 70 प्रतिशत भागीदारी उत्तर प्रदेश के भदोही-मिर्जापुर परिक्षेत्र की होती है।ऐसे में इस मेले को लेकर तैयारी शुरु हो चुकी है।इस अंतरराष्ट्रीय कालीन मेले डोमोटेक्स से कालीन उद्यमियों को व्यवसाय सृजन की काफी उम्मीदें रहती है।ऐसे में इस मेले में विश्व के विभिन्न देशों के निर्यातक जहां अपने उत्पादों के साथ भागीदारी करते है वहीं आयातकों में भी व्यापक उत्साह देखा जाता है।इस मेले में लगभग प्रत्येक वर्ष भागीदारी करने वाले ग्लोबल ओवरसीज के संजय गुप्ता ने कहा कि बदलते परिवेश के साथ बाजहार का मिजाज भी बदला है।ऐसे में आयातकों की रुचि में व्यापक परिवर्तन आया है।जिसके तहत नई वेरायटी के उत्पादों को पसंद किया जाता है।जिसके तहत बाजार की पसंद के तहत जिन्होंने सेम्पल तैयार कराया है उन्हें निराश नहीं होना पड़ेगा।उन्होंने कहा कि इस बार भी कुछ अलग करने का प्रयास किया है।

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