रिजर्व बैंक द्वारा फिर ब्याज दर घटाए जाने की संभावना

अर्थव्यवस्था में अभी चमक का अभाव
मुंबई। रिजर्व बैंक आफ इंडिया (आरबीआई) द्वारा इस वर्ष छठी दिसंबर में और फिर जुलाई में ब्याज दर घटाए जाने की संभावना राइटर के सर्वे में अर्थशास्त्रियों ने व्यक्त की। फिरभी अर्थव्यवस्था पर उसका नाम का ही असर होगा अथवा नहीं होगा।
आरबीआई ने इस वर्ष ब्याज दर 135 बेसिस पाइंट घटाकर 5.15% किया है, लेकिन मुद्रास्फीति नीची रही है और नीति निर्माता विकास की दिशा में आगे बढ़ नहीं सके ह।
गत तिमाही में विकास दर के 4.7% रहने का अनुमान है। पिछले सर्वे में 5.6% की विकास दर का पूर्वानुमान व्यक्त किया गया था, लेकिन उसके बाद की 6 सतत तिमाही में विकास दर धीमी पड़ गई थी। 2012 से इतना नीचा स्तर पहली बार दिखायी दिया।
हाल का सर्वे कहता है कि अर्थव्यवस्था में निकट भविष्य में सुधार होने की संभावना नहीं है।
56 में से 24 अर्थशास्त्रियों ने कहा कि दर घटाने से अर्थव्यवस्था को नाममात्र का ही समर्थन मिलेगा जबकि एक तिहाई विशेषज्ञों ने कहा कि अर्थव्यवस्था पर उसका खास असर नहीं पड़ेगा। बाकी के 15 अर्थशास्त्रियों ने कहा कि इससे विकास दर और घटने से रुकेगी, लेकिन किसी ने ऐसा नहीं कहा कि इससे अर्थव्यवस्था को भारी फायदा होगा।
अध्ययन में स्पष्ट हुआ कि अन्य एशियन देशों की तुलना में भारत `फेवर्ड इंवेस्टमेंट डेस्टिनेशन' के रूप में आगे है।

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