अधिक उत्पादन से रुई का भाव रहेगा दबाव में

अधिक उत्पादन से रुई का भाव रहेगा दबाव में
मुंबई। काटन कार्पोरेशन आफ इंडिया (सीसीआईै) द्वारा पंजाब, हरियाणा, गुजरात एवं राजस्थान में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर रुई की खरीदी शुरू किए जाने के साथ सितम्बर 2019 में भाव में मामूली गिरावट दिखायी दी। इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च की भारत के टेक्सटाइल क्षेत्र की रिपोर्ट में जानकारी दी गई है।
सीसीआई ने मौजूदा काटन सीजन (अक्टूबर 2019-सितम्बर 2020) में कुल आवक का लगभग 1% (लगभग 12 लाख गांठ) की खरीदी की है। महाराष्ट्र में कपास की फसल में विलंब होने का अनुमान है। क्योंकि राज्य में बेमौसमी वर्षा से लगभग 19 लाख गांठ फसल क्षतिग्रस्त हुई है। क्षतिग्रस्त फसल को न्यूनतम समर्थन मूल्य से 30-35% कम भाव मिलने का अनुमान है।
सीसीआई ने देश में औसत से अधिक वर्षा होने और किसानों द्वारा ज्यादा बोआई किए जाने से अक्टूबर 2019 से सितम्बर 2020 के सीजन में रुई का उत्पादन 13.6% बढ़कर 35.5 मिलियन गांठ होने का अनुमान व्यक्त किया है।
वित्त वर्ष 20 की प्रथम छमाही में भारत के कपास के निर्यात में 75% की गिरावट आयी। ऊंचे घरेलू भाव और ब्राजिल, यूएस एवं विएतनाम से सस्ती रुई की उपलब्धता के कारण यह गिरावट आयी। मैन मेड फाइबर (एमएमएफ) में लगातार दूसरे महीने स्थिरता दिखायी दी। वित्त वर्ष 20 की प्रथम छमाही में भारतीय फैब्रिक्स  की गुणवत्ता में सुधार होने और नए बाजार बढ़ने से फैब्रिक्स के निर्यात में वृद्धि हुई। बांग्लादेश से सस्ते परिधान के आयात में तीव्र वृद्धि ने भारतीय टेक्सटाइल वैल्यू चेन को अस्पर्धात्मक बना दिया है। यूएस एवं यूके की मांग में तीव्र गिरावट के कारण सितम्बर, 2019 में रेडीमेड गार्म़ेंट में 14% की गिरावट दिखायी दी।

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