महाराष्ट्र की नई सरकार का कामन मीनिमम प्रोग्राम

महाराष्ट्र की नई सरकार  का कामन मीनिमम प्रोग्राम
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के रूप में उद्धव ठाकरे ने गुरुवार को शपथ ली। उससे पहले उन्हें शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस द्वारा निर्मित महाविकास अघाड़ी के साथ मिलकर बनाए गए कामन मिनिमम प्रोग्राम के दस्तावेज पर हस्ताक्षर करना पड़ा। इन तीन पार्टी के बने इस प्रोग्राम में समाज के लगभग सभी वर्ग को शामिल करने का प्रयास किया गया।
इस कार्यक्रम के मसौदे का प्रारंभ ही संविधान में निर्दिष्ट असंप्रदायिकता के मूल्यों को बनाए रखने की प्रतिबद्धता से किया गया। राष्ट्रीय और क्षेत्रिय महत्वपूर्ण मुद्दों का समाधान परस्पर चर्चा द्वारा सहमति से लेने का निश्चय किया गया। इस कार्यक्रम के अमल के लिए दो संकलन समिति का गठन किया गया है। एक समिति मंत्रिमंडल से बनी होगी और दूसरी अघाड़ी के भागीदार पार्टियों की।
इस कार्यक्रम में मुख्य बात तो किसानों को उनकी उपज का न्यूनतम भाव मिले उसका भरोसा दिलाना लगता है। राज्य में इस वर्ष अतिवृष्टि से आए भारी बाढ़ में किसानों को हुए नुकसान की सहायता तत्काल देने के लिए कहा गया है। उनके लिए फसल बीमा योजना फिर से शुरू की जाएगी। खेत मजदूरों और समाज के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को उनके संतानों की शिक्षा के लिए ब्याजमुक्त लोन दिया जाएगा। इस वर्ग के लोगों की पुत्रियों को नि:शुल्क शिक्षा दी जाएगी। सरकारी नौकरी में इस समय जो खाली जगह है वह तुरंत भरी जाएगी। सार्वजनिक तथा निजी क्षेत्र की नौकरी में राज्य में रहने वालों को 80% कोटा का लाभ मिलेगा। शिक्षित बेरोजगारों को भत्ता मिलेगा।
कामन मिनिमम प्रोग्राम में शिवसेना के चुनावी घोषणापत्र के मसौदे को शामिल किया गया। झोपड़पट्टी पुनर्वसन योजना को सिर्फ मुंबई तक सीमित न रखते हुए उसे राज्यभर में बढ़ाया गया है। पात्र झोपड़ाधारकों को कम से कम 500 वर्गफुट का घर मुक्त दिया जाएगा।
शिवसेना के मसौदा में 1 रु. में चिकित्सा चेकप का जो वचन था उसका इस कार्यक्रम में समावेश किया गया है। राज्य के सभी निवासियों को आरोग्य बीमा का लाभ मिलेगा।
अल्पसंख्यकों में सामाजिक, शैक्षिक और आर्थिक असमानता दूर करने वाली विभिन्न योजनाओं का अमल किया जाएगा।

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