कपड़ा मार्केट में तेजी का करंट लेकिन सावधानी के साथ व्यापार करना आवश्यक

अब अनजान लोगों के साथ व्यापार करना हितकर नहीं
सूरत में दैनिक साढ़े तीन करोड़ मीटर कपड़े का उत्पादन होता है। देश की आवश्यकता का 80% पोलिएस्टर कपड़े का उत्पादन अकेले सूरत शहर में होता है। देश के शीर्ष कपड़ा मार्केट में गणना होते सूरत कपड़ा मार्केट में पिछले कुछ समय से चाøकाने वाली धोखाधड़ी की घटनाओं में अचानक वृद्धि हुई है। व्यापारी संगठनों और कपड़ा मार्केट में मैनेजमेंट द्वारा मार्केट के प्रांगण में चीटर लोगों से सावधान करने वाले बोर्ड और पोस्टर लगाने की नौबत आयी है। स्थान पर ठगी के साथ आनलाइन ठगी की घटनाओं में भी तेजी से वृद्धि हुई है।
नोटबंदी के बाद जीएसटी के अमलीकरण के कारण व्यापार मंद हुआ है। शहर की अन्नपूर्णा मार्केट के कपड़े के व्यापारी गुलशन सचदेवा का कहना है कि जीएसटी के अमलीकरण के बाद से व्यापार सरल होगा, ऐसी आशा पर चीटर लोगों ने पानी फेर दिया है। उल्टे जीएसटी लागू होने के बाद से बाजार में चीटर तत्व का उपद्रव बढ़ा है। एक तरफ बाजार में व्यापारियों को वित्तीय संकट का प्रश्न है। चीटरगøग निश्चित इरादे से व्यापारियों को अपनी जाल में फंसाते है। शुरू-शुरू में एक से दो खरीदी के आर्डर की रकम का भुगतान समय पर करते हø। उसके बाद इरादतन व्यापारियों को बड़ा आर्डर देते हø। चीटरगøग इरादतन कुछ माल की रकम का भुगतान कर अधिकतम माल की रकम चुकाने में आनाकानी करते हø। व्यापारी धोखा करने वाले व्यक्ति का इरादा समझे उससे पहले चीटरगøग बाजार से पलायन हो जाते हø। चीटरगøग के इरादापूर्वक बोगस व्यापार के कारण संपूर्ण मार्केट का माहौल बिगड़ा है। वीवर्स से लेकर व्यापारी तक सभी परेशान हø।
मार्केट में व्यापारियों के आर्थिक हालत और धोखाधड़ी की हाल की घटनाओं के बारे में बात करते हुए अन्नपूर्णा मार्केट के कपड़ा व्यापारी कपिल सचदेवा ने बताया की अनजान लोगों के साथ व्यापार करो तो धोखाधड़ी की घटनाएं होती है। इन घटनाओं पर नियंत्रण नहीं किया जा सका ऐसे में आनलाइन की धोखाधड़ी की घटनाओं ने बाजार का माहौल बिगाड़ दिया है। पिछले कुछ समय से आनलाइन धोखाधड़ी की घटनाओं में वृद्धि हुई है। यूटय़ूब, फेशबुक, इंस्ट्राग्राम सहित सोशल मीडिया प्लेटफार्म में भ्रामक विज्ञापनों के कारण चीटरगøग बेकाबू हुई है। इस गøग को नियंत्रण में लाने के लिए सघन प्रयास करने की जरूरत है। सूरत कपड़ा मार्केट का कपड़े के व्यापार के लिए देशभर में शीर्ष स्थान है, लेकिन धोखाधड़ी की घटनाओं के कारण मार्केट की प्रतिष्ठा को धक्का पहुंच रहा है। साथ ही बाजार में व्यापारियों में भी अविश्वास का माहौल उत्पन्न हुआ है।
उल्लेखनीय है कि बाजार में व्यापारियों के इरादतन दिवालिएपन पर नियंत्रण लाने के लिए व्यापारी संगठनों द्वारा मार्केट क्षेत्र में पुलिस स्टेशन शुरू करने की मांग की गयी थी। मार्केट क्षेत्र में पूर्ण दर्जे का पुलिस स्टेशन तो नहीं खुला, लेकिन व्यापारियों के प्रश्नों के समाधान के लिए पुलिस चौकी शुरू कर दी गयी है। पुलिस चौकी शुरू होने के बाद भी बाजार में गठरी चोरी का आतंक और चीटरगøग के बोगस व्यापार पर नियंत्रण नहीं लाया जा सका।

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