सूरत के व्यापारियों को ƒ 75 करोड़ से अधिक का आर्डर मिला

जयपुर में आयोजित आर. जे. वस्त्र उत्सव प्रदर्शनी में
कपड़ा उद्योग पिछले डेढ़ वर्ष से मंदी में है, लेकिन दिवाली बाद कपड़ा उद्योग में तेजी का अनुभव सूरत के व्यापारियों को जयपुर में हुआ। सूरत के कपड़ा व्यापारी राजेश कोठारी ने जयपुर में गत महीने आर.जे. वस्त्र उत्सव-बोनारो प्रदर्शनी आयोजित की थी। जिसमें सूरत के कपड़ा व्यापारियों को अनुमानत: 75 करोड़ रु. से अधिक कपड़े का नया आर्डर मिलने की जानकारी प्रकाश में आयी है।
सूरत में टेक्सटाइल मशीनरी में नया निवेश आ रहा है और केद्र सरकार के वस्त्र मंत्रालय की तरफ से टफ सब्सिडी शीघ्र जारी की जा रही है। इसके अलावा शहर के पूणा-कुंभारिया रोड पर स्थित नई कपड़ा मार्केटों में दुकानों की बुकिंग तेजी से हो रही है। इसके अलावा सभी मामलों में कपड़ा उद्योग तेजी की तरफ इशारा कर रहा है। शहर के कपड़ा व्यापारी साड़ी-ड्रेस-कुर्ती के अलावा लहंगा व्यापार में बड़ा कामकाज कर रहे हø। इस सभी घटनाक्रम से आगामी दिनों में कपड़ा मार्केट तेजी से गतिशील होगा, ऐसी जानकारी जयपुर की प्रदर्शनी के आयोजक और कपड़े के व्यापारी राजेश कोठारी ने एक मुलाकात में दी।
उन्होंने बताया कि बीटूबी प्रदर्शनी से ही प्रदर्शनकारियों को अधिक लाभ हुआ है। जयपुर में आयोजित प्रदर्शनी में 75 से अधिक स्टाल थे, जिसमें 50 से अधिक व्यापारियों ने हिस्सा लिया। सूरत का कपड़ा पहली बार जयपुर में बड़े पैमाने पर प्रदर्शनी में रखा गया। स्थानीय कपड़े के कई व्यापारियों ने अपनी साड़ी-ड्रेस-कुर्ती-लहंगा का नया कैटलाग लांच किया  तथा कुछ व्यापारियों ने नया फैब्रिक लांच किया। मुझे मिली जानकारी के अनुसार कुछ व्यापारियों को प्रदर्शनी के दौरान ही पांच करोड़ रु. तक के कपड़े का आर्डर मिला है। सूरत साड़ी और ड्रेस के लिए प्रख्यात है, लेकिन पिछले एक वर्ष में स्थानीय व्यापारियों का रुझान वेडिंग लहंगा की तरफ बढ़ा है। बदलते फैशन और ट्रेंड में महिलाएं प्रसंगों के अनुसार विभिन्न डिजाइन का लहंगा पहनने लगी है। इसके पहले महिलाओं में कोलकाता, जयपुर के लहंगें की मांग रहती थी। सूरत थोक उत्पादन में अग्रसर है, लहंगें के उत्पादन में स्थानीय व्यापारियों ने निपुणता प्राप्त की है। जयपुर की प्रदर्शनी में पहली बार मेरे अनुभव के अनुसार सूरत में व्यापारी लहंगें के व्यापार में जयपुर, कोलकाता से आगे निकल जाएंगे।
शहर की आरकेटीएम, पद्मावती, रतन सहित आसपास की टेक्सटाइल मार्केटों में पहले साड़ी और ड्रेस का बड़ा कामकाज होता था। आज इन मार्केटों में बड़ी मात्रा में लहंगें का व्यापार हो रहा है। उन्होंने बताया कि जयपुर के अनुभव के बाद मøने मध्यप्रदेश में वस्त्र उत्सव प्रदर्शनी का आयोजन किया है। इसकी घोषणा जयपुर की प्रदर्शनी के दौरान ही किए जाने से उस समय 50 से अधिक सूरत के कपड़ा व्यापारियों ने प्रदर्शनी में भाग लेने के लिए स्टाल बुक कराया है। जो दर्शाता है कि आगामी दिनों में बीटूबी बिजनेस कपड़ा व्यापार को अधिक तेजी से आगे बढ़ाएगा।

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