सोना अगस्त 2011 के $ 1920 का रिकॉर्ड स्तर पार करेगा?

सोना अगस्त 2011 के  $ 1920 का रिकॉर्ड स्तर पार करेगा?
इब्राहिम पटेल 
मुंबई। ईरान ने इराक स्थित अमेरिकी मिलिटरी स्थानों पर किए हमले के बाद हम प्रतिशोध में ईरान पर नए हमले की भावना नहीं रखते, ऐसा निवेदन डोनाल्ड ट्रम्प ने दिया, उस के पूर्व ही ईरान के हमले में कोई जानहानि नहीं हुई, ऐसी खबर आते ही बुधवार को इंट्रा-डे में सोना 1554.80 डॉलर प्रति आøस (31.1035 ग्राम) के तल पर चला गया था। पिछले सप्ताह ईरान के कमांडर कासीम सुलेमान की हत्या के बाद का अमेरिका का यह पहला प्रत्युत्तर था। मंगलवार को नायमेक्स सोना फरवरी वायदा 1574.30 डॉलर पर बंद रहने के बाद एशियाई बाजार में भाव, 1612.95 डॉलर की मार्च 2013 के बाद की नई ऊंचाई पर कोट हुआ था। सोना में एक ही दिन में 38 डॉलर की उथलपुथल की यह घटना 2012 के बाद की पहली थी। मघ्य पूर्व के टेंशन की वजह से शेयर बाजार उल्टे मूंह गिरे और निवेशकों ने हाथ पर के पैसे का संग्रह करने के लिए नए वेयरहाउस की तलाश शुरू कर दी। 
अगर ट्रेजरी बॉन्ड के साथ जोड़ कर देखा जाए तो सोने में अब भी तेजी पूरी नहीं हुई है। अब सवाल यह उठता है कि, क्या सोना अगस्त 2011 की 1920.80 डॉलर की रिकॉर्ड ऊंचाई को लांघ लेगा? यदि ईरान और अमेरिका साथ में चीन अमेरिका एक-दूसरे के सामने घूरते रहें और सोना की हाजिर बाजार को देखें तो ऐसा सवाल असामान्य भी नहीं है, और 2020 के वर्ष के अंत तक में ऐसा असंभव भी नहीं  है। केवल दो ही महीनों में भाव 330 डॉलर उछलकर अगस्त 2011 में ऑल टाइम हाई पर पहुंचे थे। इस समय यह कहना भी संभव है कि इतिहास नए सिरे से लिखने की तैयारी कर रहा है। पिछले एक वर्ष में सोना बेंचमार्क वायदा 1277 से 17 प्रतिशत उछलकर 1523 डॉलर की ऊंचाई पर पहुंचा था। यदि ईरान और अमेरिका के बीच का संघर्ष चरमोत्कर्ष से परे चला जाता है तो अब नई ऊंचाइयों को प्राप्त करने के लिए केवल 300 डॉलर की वृद्धि की आवश्यकता है। 
मुंबई स्थित स्पेक्यूनोमिस्ट कुशल ठाकर का कहना है कि सोना निश्चित रूप से हेविली ऑवर बोट हो चुका है, इसलिए बाजार में अब आसमानी-सुलतानी अफरातफरी देखने के लिए तैयार रहें। उन्होंने कहा कि निवेशकों ने अब ईरान अमेरिका के वॉर स्टेज उपरांत, 15 जनवरी को अमेरिका और चीन के बीच की ट्रेड वॉर की पहले चरण के समझौते कांट्रैक्ट पर हस्ताक्षर किए जाएंगे, उसके ऊपर भी ध्यान रखना होगा, जो सोना को नीचे जाने के लिए दबाव सर्जित कर सकता है। सोना 27 अगस्त को तेजी की साइकिल पर सवार हुआ था, उसके बाद पिछले 12 ट्रेडिंग सत्रों में बढ़े भाव की तेजी की यह दूसरी सवारी है। 
कुशल ठाकर का कहना है कि बाजार अभी तरल अवस्था में है। पूर्व की भूभौगोलिक समस्याओं के समय भी इसी तरह के भाव घटबढ़ देखने मिली थी, लेकिन इस बार बाजार की स्थिति और मूल्यांकन में भारी बदलाव आया है। अचानक तूफान आए और उसके बाद शांति स्थापित हो, वैसी यह स्थिति है। ईरान ने ईराक स्थित अमेरिकी एरबेज पर रॉकेट हमला करने के बाद, तुरंत ही कहा था कि यदि अमेरिकी ट्रूप द्वारा कोई प्रत्याघाती प्रतिक्रिया नहीं की जाती है तो, हम भी शांति बरकरार रखेंगे। लेकिन कुशल ठाकर ऐसा सुझाव देते है कि 2020 में सोना नए रिकॉर्ड स्थापित करेंगे। मेरा मानना है कि (ए) सोना 1557 डॉलर के रेसिस्टेंस स्तर के ऊपर रहेगा। (बी) ट्रेडर्स को 1650 डॉलर के लक्ष्य के साथ व्यापार करना चाहिए, तो ही (सी) नई ऊंचाई स्थापित हो सकती है। 
अन्य निवेश फर्म भी ऊंचे भाव को देख रहे हø। स्विस बøक यूबीएस ने मूलभूत और बेस के भाव 1600 डॉलर बताया है। न्यूयॉर्क स्थित सीपीएम ग्रूप और एसेट्स मैनेजमेंट कंपनी स्टेट स्ट्रीट ग्लोबल एडवाइजर्स ने तो 1650 डॉलर का भाव देख रहे है। लंबी छुट्टियों के बाद खुली पश्चिमी देशों की बाजार में जब भी कारोबार बहुत कम हो जाता है, अगर तब भूभौगोलिक समस्या सर्जित होती है तो बुलियन बाजार ऑवर-रिएक्ट करती है। जेपी मॉर्गन के विश्लेषक का कहना है कि मध्य-पूर्व में घटी घटनाओं के बाद क्या होने वाला है, इसकी निवेशकों की चिंता जायज है। बचत की सुरक्षा और क्रयशक्ति बनाए रखने के लिए अन्य बाजारों समस्याओं से घिरी हुई होगी तब सोना सबसे अधिक स्वीकृत संपत्ति (अस्कयामत) है। गोल्डमैन साश और यूबीएस के विश्लेषकों निवेशकों को यह बताते है कि यदि भूभौगोलिक समस्या बढ़ेंगी तो निवेश के लिए सोना एक बेहतरीन साधन है।

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