घरेलू खाद्य तेल रिफाइनरियों को भारी राहत

घरेलू खाद्य तेल रिफाइनरियों को भारी राहत
रिफाइंड पॉम तेल आयात पर प्रतिबंध
हमारे संवाददाता
नई दिल्ली । केद्र सरकार ने नीतिगत बदलाव के तहत 8 जनवरी 2020 को विदेशों से रिफाइंड पॉम तेल के आयात पर प्रतिबंध लगा दिए हø।केद्र सरकार के इस कदम से मलेशिया सहित विभिन्न देशों से पॉम तेल के आयात में कमी आएगी।इससे घरेलू खाद्य तेल रिफाइनरियों को भारी राहत मिली है जो कि अपनी क्षमता का दोहन न कर पाने के चलते बंद होने के कगार पर खड़ी थी।उल्लेखनीय है कि भारत दुनिया में खाद्य तेलों का सबसे बड़ा आयात देश है।
दरअसल द सॉल्वेंट एक्सट्रेक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एसईए) के कार्यकारी निदेशक डॉक्टर बीवी मेहता ने कहा कि घरेलू रिफाइनरी वालों का बहुत पुरानी मांग थी जिसे केद्र सरकार ने पूरा कर दिया है।इससे बंद होने के कगार पर पहुंच चुकी सैकड़ों रिफाइनरियों में उत्पादन शुरु हो सकेगा जिससे रोजगार के अवसर पैदा होंगे।जिसको लेकर एसईए की तरफ से जारी आंकड़ों के तहत वार्षिक 150 लाख टन खाद्य तेलों का आयात किया जाता है जिसमें 94 लाख टन हिस्सा पॉम आयाका है। वहीं आयातित कुल पाम ऑयल में 27 लाख टन रिफाइंड पॉम ऑयल है।उन्होंने कहा कि देश में पांच सौ से अािधिक छोटी रिफाइनरी है।वहीं एक दर्जन बड़ी ब्रांडेड खाद्य तेलों वाली रिफाइनरियां है।ये रिफाइनियां अपनी स्थापित क्षमता की तुलना में बहुत कम उत्पादन कर रही है।क्रूड ऑयल का आयात बढने और इनमें उत्पादन से रोजगार बढेगा।देश में खाद्य तेलों की कुल जरुरत 250 लाख है जिसके लिए 150 लाख टन की जरुरत आयात से पूरी होती थी।वहीं वैश्विक कमोडिटी कारोबार के विशेंषज्ञ संजीव गर्ग ने कहा कि कूड पॉम ऑयल (सीपीओ) पर 41.25 प्रतिशत आयात शुल्क है जबकि रिफाइंड पाम ऑयल पर 49.50 प्रतिशत है।इसके बावजूद रिफाइंड तेल आयात में लगातार वृद्वि हो रही थी।जिसको लेकर भारत की सर्वाधिक पाम ऑयल बेचने वाले देशों में इंडोनेशिया और मलेािशिया सबसे आगे है।

© 2020 Saurashtra Trust

Developed & Maintain by Webpioneer