पैलेडियम में 31 प्रतिशत तेजी की संभावना

मुंबई। आपूर्ति की तीव्र कमी और मोमेंटम (मौका देखकर खरीदारी करने वाले) ट्रेडर्स को व्यापक खरीदारी के बीच सोमवार को पैलेडियम के भाव पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़कर प्रति औंस (31.1035 ग्राम) 2577 डॉलर बोला गया, तब किसी भी खिलाड़ी की ताकत नहीं थी कि वर्तमान फंडामेंटल से विपरीत सौदे करें। कार उत्पादकों के लिए धूंवा निकालने के मानक कड़े बनाने के साथ दक्षिण अफ्रीका जहां अधिकतम उत्पादन होता है वहां बिजली की कमी ने मांग और आपूर्ति के नियमों, इस तेजी के लिए मूल फंडामेंटल्स है। जहां कार उत्पादन के लिए नियम अधिक कड़े बना दिए गए है, वह चीन में पैलेडियम की व्यापक मांग और आपूर्ति की कमी निर्माण हुई है। इसी वजह से तीन सप्ताह में भाव में 31 प्रतिशत का ऊछाल आया। 
बुधवार को बड़ी तेजी के प्रत्याघात के रूप में भाव घटकर 2217 डॉलर होने के बावजूद पिछले 12 महीनों में यह 71 प्रतिशत की वृद्धि दिखलाता था। प्रारंभिक गिरावट के बाद बड़ा ऊछाल जरूर रुक गया है, लेकिन टेक्निकल चार्ट के संकेत दर्शाता है कि भाव में अधिक गिरावट संभव नहीं है। रोजाना भाव का अध्ययन करने से मालूम होता है कि बहुत कम सौदे पर बड़ी ऊथल-पुथल दर्ज हुई है, बेशक, इससे किसी को आश्चर्य नहीं होना चाहिए। अगर औद्योगिक मांग में सुधार देखा जाएगा तो मांग भी बढ़ेगी, तो फिर पैलेडियम की तेजी को कौन रोक सकेगा? पैलेडियम की तेजी जिस गति से आई और भाव ऐतिहासिक ऊंचाइयों तक पहुंचने के बावजूद निवेशक अभी भी पूछ रहे हैं कि क्या भाव और ऊपर जाएंगे? 
भाव वृद्धि के बावजूद खनन कंपनियां तत्काल उत्पादन में वृद्धि नहीं कर सकती हैं। क्योंकि पैलेडियम वास्तव में अन्य प्रेसियस ग्रूप मेटल की बायप्रोडक्ट है। पिछले एक साल में पैलेडियम के लीज रेट भी काफी ऊपर चली गई है। ऊंचा भाव के कारण उपयोगकर्ताओं के लिए आवश्यक पैलेडियम प्राप्त करना मुश्किल हो गया है। इस तेजी का एक और दुप्रभाव यह है कि एक ओर जहां कार उत्पादकों के लिए भविष्य की आपूर्ति कहां से प्राप्त करें, इसके बारे में चिंता बढ़ गई है और दूसरी तरफ पूरी दुनियां में लिमोसिन कार के सायलेंसर की चोरी की मात्रा भी काफी बढ़ गई है। एक ओर ईवी (इलेक्ट्रिक वाहन) में पूंजी निवेश का दबाव बहुत बढ़ गया है, तब दूसरी तरफ वैश्विक विकास वृद्धि अनिश्चित बन गई है, तब कार उत्पादक केटलिस्ट कन्वर्टर टेक्नोलोजी में परिवर्तन करने से डरते हैं। 
हाइब्रिड पेट्रोल कारों में पैलेडियम, सायलेंसर में जहरीले कार्बन मोनोक्साइड और नाइट्रोजन ऑक्साइड को कार्बन डाइऑक्साइड, पानी और नाइट्रोजन में परिवर्तित करने के लिए प्रमुख तत्व के रूप में उपयोग किया जाता है। भाव वृद्धि का सबसे अधिक लाभ रूस और दक्षिण अफ्रीका की कुछ खदानों को हुआ है। लक्जरी कारों की मांग में वृद्धि, आपूर्ति कमी और औद्योगिक उत्पादन में आने वाले सुधार पैलेडियम के लिए उप्रेरक बन गया है। यही कारण है कि पैलेडियम के विकल्प के रूप में प्लैटिनम में आनी चाहिए उतनी तेजी नहीं आई। 
कोमर्ज बøक के विश्लेषक का कहना है कि वर्तमान तेजी डगमगा रही है, वैसा कोई कहता है तो हम मानने के लिए तैयार नहीं है। इसके लिए कई दिनों तक एक तरफी भाव गिरावट आवश्यक होनी जरूरी है। गोल्डमैन साश का पूर्वानुमान है कि भाव 3000 डॉलर होंगे। उन्होंने एक ट्विटर के मार्फत चेतावनी के स्वर में कहा था कि भाव ऊपर चले जाने के बाद एक चरण ऐसा आएगा, जहां से मांग कम होने लगेगी। पैलेडियम की मांग अभी रोटेशनल चरण में होने से, अच्छी खासी भाव वृद्धि संभावित है। लेकिन ऐसे ऊछाल टिकाऊ साबित नहीं होंगे, पिछले साल हमने देखा कि तेजी की एक सवारी के बाद मंदी की साइकिल आई थी।
भारत मर्चंट्स चेम्बर का 27 जनवरी को हीरक जयंती समारोह
मुंबई। भारत मर्चंट्स चेम्बर द्वारा सोमवार, 27 जनवरी, 2019 को यहां स्थित ताज महल पैलेस में हीरक जयंती समारोह का आयोजन किया गया है। चेम्बर के अध्यक्ष, विजय कुमार लोहिया ने बताया कि इस समारोह के मुख्य अतिथि केद्रीय सड़क परिवहन, हाइवे एवं एमएसएमई मंत्री नीतिन गडकरी हैं जबकि सियाराम सिल्क के चेयरमैन, रमेश पोद्दार समारोह के गेस्ट ऑफ ऑनर हैं।

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