डॉलर चना, मोगर और तुवॉर में मंदी

डॉलर चना, मोगर और तुवॉर में मंदी
दाल-दलहनों में मांग कमजोर
हमारे संवाददाता 
इंदौर। ऊंचे भाव पर दाल-दलहनों पर मांग अभी सुस्ती में है। सर्वकालीन ऊंचे हुए मोगर के भाव 12000 रो से मांग में आई कमी से बोल्ड में मोगर भाव 9800 से 10000 रु. हो गये बताये गये है। मांग का भारी अभाव इसमे होना बताया जा रहा था। उड़द और तुवॉर के आयात की छूट दी होने से तुवॉर में आंशिक मंदी रही। मगर मूंग मे  माल की कमी बताई गई होने से ऊंचे भाव पर मजबूती बनी रही। हालांकि दालों में उपभोक्ता मांग में आई भारी कमी से मिलो ने दालों के भाव  तीन से चार रु. की कमी कर बेचवाली की बताते है।  डॉलर चने की बंपर पैदावार के इस वर्ष पुन: गणित बन रहे होने से स्टाकिस्टों के पास स्टॉक की बिकवाली घबराहट होने से भावो में मंदी घर करती जा रही है। नई फसल जल्द ही उतरने वाल है। अगले स्टॉक की रचना भी करनी है इससे आगे मंदी की धारणा भी है। मंडी में काबुली की आवक बढ़ने लगी होने से 100 रु. की मंदी रही।  डालर चना का भाव थोक  में 5600 से 6200 रु. तक होना बताया गया है।  चने में सटोरियो की मनोवृत्ति अधिक तेजी की नहीं बताईz जा रही थी। थोक  मंडी  में चने की आंवक  4 हजार  बोरियों की रही। चना वायदा में फिसलने से मंदी में रहा। वायदा में गिरवट रही होने से हाजिर में चना पुन: 4150 से 4250 रु. तक होना बताया जा रहा था। चना में हाजिर मांग  कमजोर है। मिली खबरों के अनुसार  चना  तथा अन्य दलहनों का भारी स्टॉक वायदे के सटटे् वाले एक्सचेंजो और मजबूत हाथो में रहा जिससे थोड़े ऊंचे भाव तेजी के बताए जा रहे थे। नई तुवॉर कर्नाटक की आवकें अधिक बढ़ गई होने से भावो में मंदी घर करती जा रही बताया जा रहा है। तुवॉर भाव पुराना का भाव 5100 रु. और  नयी तुवॉर  महाराष्ट्र कर्नाटक की  क्रमश: 4950 और 5000 रु. और म.प्र. की 4300 से 4600 रु. तक भाव था। हालांकि तुवॉर में मंदी रही मगर तुवॉर दालों में मांग के कारण उपरी भाव पर ही स्थिर रही।  तुवॉर दाल 8100 से 8500 रु. तक विभिन्न किस्मों के माल में  थी। तुवॉरदाल फूल का भाव 8000 से 8100 रु. और मार्केवाली का भाव  8500 रु. था। मूंग के भाव स्टाकिस्टो के हाथों में बताया जा रहा है। व्यापारिक क्षेत्रों से मिली खबर के अनुसार इस वर्ष मुंग की अच्छी फसल आई होने थस मूंग में आगे और स्टाकिस्टों की ऊंचाई होना बताया जा रहा है। थोक में मूंग भाव 6500 रु. से बोल्ड का भाव 7800 रु. तक होना बताया जा रहा था। उड़द हल्की किस्म की 6500 रु. तक और बोल्ड में 7800 रु. भावो में थी।   
मूंग दाल में इस वर्ष सर्वकालीन सबसे अधिक ऊंचे भाव हुए है। जनता के वाकपटुक विश्लेषकों का मानना है कि देश में ऐसी  प्रथासी हो गई है कि जिस खाद्य पदार्थ की स्वास्थ संबंधित पौष्टिकता का चलन अधिक बढ़े उस पर ही व्यापारियों स्टाकिस्टो की टेढी नजर पड़ने लग जाती है। उस पर और  ही अधिक कालाबाजारी का कारण बनती जा रही है। पूर्व मे मूंगदाल हमारे आयुर्वेद वैद्यों द्वारा स्वास्थ वर्धक बताई गई थी। जब मुंग दाल की पोष्टिकता की  हमारे उच्च व्यापार घरानों पर इसके प्रति जूं नहीं रेंगती थी। जैसे ही अंतर्राष्टिय स्तर पर इसकी पहचान हमारे उपयोगकर्ताओं ने बताई तो इस पर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर स्वास्थाधिकारियो की टेढी नजर पड़ी तो सबसे अधिक महंगी हमारे देश के उद्योगपति व्यापारियों ने बना दी। उच्च भाव पर मूंग दाल 8900 से 9400 रु. पर मे भी मांग कमजोर रहने एवं उपभोक्ता ग्राहकी का अभाव रहने  तेजी नहीं रही और उच्च भाव पर ही स्थिर रही। चना के  नरमी रहने के बावजूद चना दाल ऊंचे भाव पर ही मजबूत रही। चना दाल का भाव 4900 से  5300 से मध्यम से बोल्ड का होना बताया गया है। मूंग का भाव खुले बाजार में  90 से  95 रु. और माल संस्कृति में  100 से 120 रु. किलो तक होना देखा गया है।  चना दाल का भाव 75 से 95 रु. प्रति किलो था। तुवॉर दाल का भाव खुले बाजार में 80 से 90 रु. किलो और माल संस्कृति में 110 से 130 रु. किलो था।

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