गुजरात में धनिया की उपज दोगुनी, कीमतों पर दबाव की आशंका

गुजरात में धनिया की उपज दोगुनी, कीमतों पर दबाव की आशंका
गांधीनगर। गुजरात में चालू रबी सीजन के तहत धनिया की खेती में जोरदार बढ़ोत्तरी हुई है। गुजरात कृषि विभाग के मुताबिक राज्य में 20 जनवरी 2020 तक धनिया का रकबा पिछले साल की तुलना में जोरदार बढ़ा है। राज्य में अब तक 88292 हेक्टेयर में धनिया की बोआई हो चुकी है जबकि पिछले साल समान समय में यह बोआई 29630 हेक्टेयर में हुई थी। राज्य में धनिया की सामान्य बोआई 74 हजार हेक्टेयर रहती है। इस बम्पर बोआई को देखते हुए धनिया की कीमतों पर आने वाले समय में दबाव दिखाई देने की आशंका है। 
गुजरात में धनिया की सर्वाधिक बोआई सौराष्ट्र में होती है। वर्ष 2019-20 के रबी सीजन में सौराष्ट्र में 20 जनवरी 2020 तक धनिया की बोआई 85800 हेक्टेयर में हुई है। सुरेद्रनगर जिले में 2200 हेक्टेयर, राजकोट में 9900 हेक्टेयर, जामनगर में 10400 हेक्टेयर, पोरबंदर में 12100 हेक्टेयर, गीर सोमनाथ में 4000 हेक्टेयर, मोरबी में 500 हेक्टेयर, देवभूमि द्वारका में 18800 हेक्टेयर, जूनागढ़ में 24200 हेक्टेयर, अमरेली में 3400 हेक्टेयर, भावनगर में 400 हेक्टेयर में धनिया की बोआई हुई है। सौराष्ट्र में पिछले सीजन में समान समय में धनिया की बोआई 27700 हेक्टेयर में हुई थी। 
उत्तर गुजरात में धनिया की बोआई 600 हेक्टेयर में हो पाई है। उत्तर गुजरात में पाटन, महेसाणा और अरावली जिले आते हैं। उत्तर गुजरात में पिछले सीजन में 21 जनवरी 2019 तक धनिया की बोआई 400 हेक्टेयर में हुई थी। राज्य के कच्छ जिले में धनिया की बोआई 1600 हेक्टेयर में हुई है। कच्छ में पिछले सीजन में अब तक धनिया की बोआई 1200 हेक्टेयर में ही हुई थी। जबकि, मध्य गुजरात के अहमदाबाद, आनंद, खेड़ा जिलों में धनिया की बोआई केवल 200 हेक्टेयर में हुई है। मध्य गुजरात में पिछले सीजन में 21 जनवरी 2019 तक धनिया की बोआई 300 हेक्टेयर में हुई थी। 
गुजरात कृषि विभाग के मुताबिक राज्य में फसल वर्ष 2018-19 में धनिया की बोआई 30136 हेक्टेयर में हुई एवं उत्पादन हुआ 45418 टन था। जबकि, फसल वर्ष 2016-17 में 121199 हेक्टेयर में धनिया की बोआई हुई और उत्पादन हुआ 189518.03 टन का। यह वर्ष 2017-18 में 116812 टन था एवं बोआई 74998 हेक्टेयर में हुई। 
गुजरात में इस साल हुई धनिया की बम्पर बोआई पर कारोबारी अनुमान चालू रबी सीजन में 40 लाख बोरी (प्रति बोरी 40 किलोग्राम) धनिया उत्पादन है। यह उत्पादन पिछले साल 16-17 लाख बोरी था। हालांकि, नई फसल के समय कैरी ओवर स्टाक सात लाख बोरी रहने की संभावना है जो पिछले सीजन की शुरुआत में 28-30 लाख बोरी था। इसका मतलब यह होगा कि राज्य में धनिया की उपलब्धता पिछले सीजन जैसी ही होगी लेकिन पुराना स्टाक कम होने से निचले भाव पर धनिया स्टाक में भी जाएगा, जो इसके भाव को मजबूती दे सकता है। दक्षिण भारत में इन दिनों गुजरात के धनिया की मांग बेहद सुस्त है लेकिन वहां खपत केंद्रों पर अब धनिया का स्टाक काफी कम हो चुका है। दक्षिण भारत की यह मांग गुजरात के नए धनिया के बाजार में आने के साथ दिखाई देगी। गुजरात में अधिकतर कारोबारियों की राय में नए सीजन में धनिया हाजिर बाजार में नीचे में 6000 रुपए प्रति क्विंटल तक जा सकता है जबकि ऊपर में यह 8200-8500 रुपए प्रति क्विंटल तक बिक सकता है। 
टेक्निकल चार्ट के मुताबिक धनिया अप्रैल वायदा 7000 रुपए प्रति क्विंटल के नीचे फिसला है। धनिया उत्पादन को लेकर अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी। इसका सही आंकलन फरवरी के अंत में हो पाएगा। लेकिन मौजूदा मौसम धनिया की उपज के लिए बेहतर होने से कीमतों पर दबाव देखने को मिल रहा है जो अप्रैल वायदा को 6500 रुपए तक ले जा सकता है। लेकिन लंबी अवधि की बात की जाए तो अप्रैल के बाद धनिया के भावों पर धीरे-धीरे सुधार दिखाई देगा जो इसे 7800-8000 रुपए प्रति क्विंटल तक ले जा सकता है।

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