यार्न, फैब्रिक, कपड़ा व परिधान पर एकसमान जीएसटी दर की संभावना

यार्न, फैब्रिक, कपड़ा व परिधान पर एकसमान जीएसटी दर की संभावना
रमाकांत चौधरी 
नई दिल्ली । आम बजट को लेकर अब चंद दिन रह गए हैं।ऐसे में देश भर के कपड़ा उद्यमियों व व्यापारियों की आम बजट से ढेरों उम्मीद पाल रखी है।जिसको लेकर देश भर के कपड़ा उद्यमियों व व्यापारियों की तरफ से मोदी सरकार से गुजारिश की जा रही है कि ईज ऑफ डुइúस बिजनेस में कंपलायंस को ईजी किया जाए ताकि कारोबारियों को कागजी खानापूर्ति से निजात मिल सकेगी और कारोबार को खुलकर संचालित कर सकेंगे।वहीं कपड़ा उद्यमियों की तरफ से यार्न,फैब्रिक्स व परिधान पर एक समान जीएसटी दर की संभावनदा है, ताकि कारोबारियों को जीएसटी रिटर्न भरने में मिसमैच आसानी हो सकेगी और जीएसटी रिफंड में आसानी से मिल सकेगी।वहीं देश भर के कपड़ा उद्यमियों व व्यापारियों की तरफ से स्पष्ट रुप से कहा ग्रया है कि सभी के लिए एक समान जीएसटी की तिमाही रिटर्न पक्रिया निर्धारित किया जाए ताकि कारोबारियों को सुविधा होगी और कपड़ा परिधान के कारोबारी खुलकर कारोबार कर सकेंगे।वहीं कपड़ा उद्यमियों व व्यापारियों की तरफ से मोदी सरकार से आग्रह किया गया है कि आयकर की दरों में कटौती की जाए ताकि आर्थिक स्थिति सुधरेगी जिससे कपड़ा उत्पादन से लेकर विपणन तक में सुधार का मार्ग प्रशस्त हो सकेगा।
कोलकाता में कार्यरत देश भर में सर्वाधिक लोकप्रिय मीनू ब्रांड कॉटन की साड़ियां,सलवार सूट्स,दुपट्टा एवं मनिनि ब्रांड कॉटन की कुर्तियां एवं लैगिंग के निदेशक श्री सरोज जी अग्रवाल (श्याम जी) ने आम बजट की अपेक्षाओं को लेकर टेनिफोनिक वार्ता में बताया कि मोदी सरकार की तरफ से ईज ऑफ डुइúज बिजनेस में कंपलायंस को ईजी करे ताकि कारोबारियों को बिजनेस करने की प्रक्रिया में काफी सहूलियत होगी।जिससे कपड़े का कारोबार को बढावा मिलेगा।वहीं जीएसटी को लेकर सभी कपड़ा उद्यमी व व्यापारियों को एक समान तिमाही रिटर्न दाखिल करने की सुविधा प्रदान करे ताकि कागजी प्रक्रिया आसान होगी और मिसमैच करने में सुविधा होगी।जिससे कपड़ा उद्यमियों व व्यापारियों को समय की काफी बचत होगी।जिससे कपड़ा के उद्यमियों व व्यापारियों को उत्पादन से लेकर विपणन तक में कारोबार को बढावा देने में काफी हद तक मदद मिलेगी।वहीं जैसा कि चर्चा है कि आम बजट में आयकर की दर में कटौती की जाएगी जिससे स्वभाविक है कि रुपए की तरलता सुनिश्चित होगी।जिससे कपड़ा के थोक व खुदरा कारोबारी गतिविािधियों में बढोतरी होगी।इससे कपड़ा क्षेत्र में सकारात्मक रुख बन सकेगा।
मुंबई की शर्टिंग कंपनी में प्रख्यात गडेदिया सिंटेक्स प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंधक निदेशक श्री रमेश गडेदिया ने आम बजट को लेकर मोदी सरकार से गुजारिश की है कि यार्न,फैब्रिक्स,कपड़ा व रेडीमेड वस्त्रों पर एक समान जीएसटी की दर लागू की जाए ताकि कारोबारियों को जीएसटी रिटर्न दाखिल करने में मिसमैच सुचुरु पूर्वक हो सकेगी।जिसके उपरांत ही सही मायने में कारोबारियों को जीएसटी की रिफंड मिल सकेगी।उन्होंने लघु व मझौले कपड़ा उद्यमियों को आयकर की दरों में छूट प्रदान की जाए ताकि उन्हें आर्थिक राहत मिल सकेगी।जिससे ही सही मायने में कपड़ा उद्योग को आर्थिक रुप से समक्ष हो सकेंगे।      
मध्य प्रदेश के बुरहानपुर की सावित्री टेक्सटाइल्स के निदेशक श्री रमेश दीक्षित ने बताया कि कपड़ा उद्यमियों व कारोबारियों को जीएसटी की पेचिदगियों से काफी परेशानी हो रही है।जिसको लेकर मोदी सरकार की तरफ से आम बजट में जीएसटी की प्रक्रिया को सरलीकृत किया जाए जिसके तहत एक समान सभी कपड़ा उद्यमियों व व्यापारियों को जीएसटी की तिमाही रिटर्न प्रक्रिया की शुरुआत की जाए ताकि कागजी प्रक्रिया सरल हो सकेगी।जिससे कपड़ा उद्यमियों व व्यापारियों को कागजी खानापूर्ति नहें करनी पड़ेगी।जिससे कपड़ा का उत्पादन से लेकर वितरण तक में सहूलियत होगी।जिससे कपड़ा क्षेत्र में आर्थिक विकास की रफ्तार में सुधार का मार्ग प्रशस्त हो सकेगा। 
दिल्ली के गांधीनगर स्थित कपड़ा कारोबारियों की अग्रणी संस्था गांधीनगर होलसेल क्लॉथ मर्चेन्ट्स एसोसिएशन के महामंत्री श्री जिनेद्र जैन ने मोदी सरकार से गुजारिश की है कि आम बजट में आयकर की दरों में कटौती की जाए ताकि मध्यम वर्ग़ों को आर्थिक रुप से राहत मिल सकेगी।उन्होंने आयकर को लेकर सुझाव दिया कि पांच से 10 लाख रुपए पर आयकर की दर 10 प्रतिशत और दस से बीस लाख रुपए पर आयकर की दर घटाकर 20 प्रतिशत किया जाए।उन्होंने 80 सीसी के तहत डेढ लाख रुपए के निवेश पर मिलने वाली छूट को बढाकर ढाई लाख रुपए किया जाए ताकि आम लोगों को आर्थिक रुप से फायदा होगा।  
वहीं केद्र सरकार को निवेश के तौर पर फायदा होगा।वहीं जीएसटी की मासिक रिटर्न को तिमाही की जाए ताकि आम कारोबारियों को कागजी सहूलियत मिलेगी।जिससे कारोबार को ख्ìालकर संचालित कर सकेंगे। 
दिल्ली के चांदनी चौक स्थित मालीवाड़ा की गली छिपीयान-श्रीराम मार्केट की थोक कारोबारी प्रतिष्ठान सरदारीलाल एण्ड संस के बिजनेस संचालक श्री सतीश कुमार रुस्तुगी ने बताया कि कपड़े पर जीएसटी आरोपित होने के उपरांत दिल्ली के थोक कपड़ा बाजार में पड़ोसी राज्यों से 70 प्रतिशत छोटे कपड़े के व्यापारी का आगमन बंद हो रखा है।जिससे स्वभाविक है कि कपड़े का थोक कारोबार प्रभावित हो रहा है।ऐसे में मोदी सरकार की तरफ से छोटे व्यापारियों को लेकर जीएसटी की प्रक्रिया से छूट देने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि दिल्ली जैसे कपड़े के थोक वितरण केद्र चांदनी चौक में कारोबारी गतिविधियां सुधर सकेगी।उन्होंने छोटे व मझौले कपड़ा व्यापारियों को लेकर प्रोत्साहन दिया जाए ताकि उनका कारोबार करने में परेशानी कम होगी।

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