खाद्यपदार्थ़ों की महंगाई रोकने हेतु सरकार सक्रिय

खाद्यपदार्थ़ों की महंगाई रोकने हेतु सरकार सक्रिय
दलहनों पर रियायत : मूंगफली तेल के निर्यात पाबंदी पर विचार
रमाकांत चौधरी 
नई दिल्ली । मोदी सरकार की तरफ से खाद्य पदार्थ़ों की महंगाई थामने को लेकर कवायद तेज कर दी गई है।जिसके तहत दलहनों और खाद्य तेलों की मंहागाई कम करने को लेकर शीघ्र ही अहम फैसले करने को लेकर विशेष रुप से उत्सुक है।ऐसे में दलहनों पर 15 रुपए किलो कर रियायत देने का मन बना रही है।वहीं मूंगफली तेल के निर्यात पर पाबंदी लगाने को लेकर विचार कर रही है।वहीं केद्र सरकार की तरफ से खाद्य तेलों की कीमत पर अंकुश को लेकर आयात शुल्क में कटौती करे की संभावना है।
दरअसल मोदी सरकार की तरफ से दलहनों की कीमतों को थामने को लेकर राज्यों को 8.50 लाख टन दलहनों का बफर स्टॉक बेचने का फैसला किया था बहरहाल राज्यों की तरफ से अभी तक  दलहनों की खरीदी में रुचि नहीं दिखाई है।इस समय राज्यों की तरफ से केद्र सरकार को सिर्फ 2 हजार टन मूंग की मांग की गई है।वहं राज्यों की तरफ से दलहनों पर रियायतों की उम्मीद लगा रखी है।जिसको लेकर राज्यों की तरफ से केद्रीय कृषि सचिव को चिट्टी लिखी गई है।जिसमें कहा गया है कि दलहनों पर कम से कम 15 रुपए किलो का डिस्काउंट दिया जाए जिसको लेकर केद्रीय राजस्व सचिव से मांगी गई है।ऐसे में यह अनुमति मिलने के उपरांत केद्र सरकार दलहनों पर 15 रुपए किलो डिस्काउंट दे सकती है ताकि सभी राज्य दलहनों की खरीदारी कर सकेंगे।इसीबीच दलहनों के दामों में काफी तेजी देखी जा रही है।जिसके तहत उड़द दाल के दाम 110 रुपए किलो पहुंच गई है।वहीं मूंग दाल के दाम 105 रुपए किलो हो गए हैं।जिसको लेकर केद्र सरकार की चाहत है कि दालों पर रियायत देने से कीमतें कम होगी।ऐसे में राज्यों को दाल पर 15 रुपए किलो का डिस्काउंट मिल सकता है।वहीं केद्र सरकार की तरफ से जब से मलेशिया से आने वाले पॉम ऑयल के आयात पर पाबंदी लगाई है तब से खाद्य तेलों की कीमतों में तेजी देखी जा रही है।जिसके तहत पिछले कुछ दिनों में खाद्य तेलों की कीमत 15/20 प्रतिशत तक बढ चुके हø।ऐसे में केद्र सरकार की तरफ से मूंगफली तेलों के  निर्यात पर पाबंदी लगा सकती है।वहीं नाफेड डेढ लाख तक खुले बाजार में खाद्य तेल बेचेगा ताकि आगामी दिनों में खाद्य तेलों की बढती कीमतों पर अंकुश लग सकेगी।इसीबीच केद्र सरकार की तरफ से खाद्य तेलों की कीमतों को थामने को लेकर आयात शुल्क में कटौती किए जाने की संभावना है।जिसको लेकर केद्रीय उपभोक्ता मामले के मंत्रालय की तरफ से खाद्य तेल के आयात शुल्क में कटौती करने का प्रस्ताव केद्रीय वाणिज्य मंत्रालय को भेजा गया है।जिसके तहत पॉम ऑयल,सोयाबीन ऑयल और सनफ्लावर ऑयल पर आयात शुल्क घटाने का प्रस्ताव है।वहीं क्रूड पॉम ऑयल पर आयात शुल्क 5 प्रतिशत घटाने का प्रस्ताव है।जबकि सोयाबीन और सनफ्लावर पर आयात शुल्क 10 प्रतिशत तक घटाने का प्रस्ताव है।वहीं रिफाइंड पॉम ऑयल पर आयात शुल्क 2/3 प्रतिशत तक घटाने का प्रस्ताव है।  

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