कपास-सूत निर्यात प्रभावित होने की आशंका

कपास-सूत निर्यात प्रभावित होने की आशंका
हमारे संवाददाता
नई दिल्ली । चीन में कोरोना वायरस का प्रकोप भयावह रुप ले रखा है।जिसके चलते भारतीय कॉटन व कॉटन र्यान का निर्यात प्रभावित होने की आशंका बढ रखी है।भारत दुनिया में कपास का सबसे बड़ा उत्पादक देश है और चीन कपास का सबसे बड़ा आयातक देश है।ऐसे में चालू माह में चीन को लगभग पांच लाख गांठ कपास निर्यात होने की उम्मीद की जा रही थी।बहरहाल चीन में कोरोना वायरस के चलते भारत से चीन को कपास का निर्यात प्रभावित होने की आशंका बढ गई है।जिससे पिछले एक पखवाड़े में कपास व सूत की कीमत 5 प्रतिशत तक लुढक गई है और आगे कीमत में और मंदी की आशंका बनी हुई है।
दरअसल चीन में कोरोना वायरस का प्रकोप के चलते इस समय भारत से चीन को कपास निर्यात के सौदे नहीं हो पा रहे हैं।हालांकि भारतीय निर्यातकों की तरफ से चीन में नया वर्ष के अवकाश के बाद भारत से चीन को पांच लाख गांठ कपास निर्यात होने की उम्मीद की जा रही थी।जिसको लेकर कॉटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष अतुल गणत्रा ने पिछले दिनों कहा था कि चालू कपास मौसम 2019-20(अक्टूबर-सितम्बर) में भारत ने चार लाख गांठ कपास निर्यात को निर्यात किया है और चालू माह में पांच लाख गांठ कपास चीन को निर्यात होने की उम्मीद है।वहीं भारत ने चालू मौसम में 20 लाख गांठ कपास का निर्यात किया है और चालू मौसम के अंत तक 42 लाख गांठ कपास निर्यात होने का अनुमान है।वहीं कपास का आयात 25 लाख गांठ होने की उम्मीद है।भारत में इस बार कपास की बंपर पैदावार हुई है।जिसको लेकर कॉटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया की तरफ से जनवरी माह के आकलन के तहत देश में चालू मौसम में 354.50 लाख गांठ कपास की उपज हुई है।वहीं कॉटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया के ताजा आकलन के तहत चालू मौसम के तहत देश में कपास की कुल आपूर्ति 411.50 लाख गांठ रहेगी।जिसमें उत्पादन और आयात के साथ साथ पिछले वर्ष का कपास के बकाया स्टॉक 32 लाख गांठ सम्मिलित है।

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