भारतीय कपड़ा-परिधान की अमेरिका-यूरोपीय देशों में मांग बढ़ी

भारतीय कपड़ा-परिधान की  अमेरिका-यूरोपीय देशों में मांग बढ़ी
रमाकांत चौधरी 
नई दिल्ली । कोरोना वायरस के चलते पश्चिमी देशों की चीन से कपड़ा-परिधान की खरीदी पर तत्काल रोक लगा रखी है।ऐसे में पश्चिमी देशों की तरफ से अपने घरेलू बाजार में आपूर्ति सुलभ करने को लेकर विकल्प के तौर पर अब भारतीय कपड़ा-परिधान की  पूछताछ बढा दी है।ऐसे में भारतीय कपड़ा-परिधान की अमेरिका व यूरोपीय देशों में निर्यात मांग सुधरने की उम्मीद बंध गई है।जिसको लेकर भारतीय निर्यातकों को कपड़ा-परिधान के निर्यात मोर्चे पर सक्रिय होना पड़ेगा ताकि आगे निर्यात के क्षेत्र में सकारात्मक रुख बनाया जा सकेगा।
दरअसल चीन में कोरोना वायरस के चलते एक तरफ चीन में कपड़ा-परिधान का उत्पादन ठप्प पड़ रखा है।वहीं दूसरी तरफ अमेरिका व यूरोपीय देशों की चीन से कपड़ा-परिधान की खरीदी पर तत्काल रोक लगा रखी है।जिससे चीन में कपड़ा-परिधान का  वितरण तक एक तरह से ठप्प हो रखा है।जिससे इस समय चीन में कपड़ा-परिधान के उत्पादन से लेकर वितरण तक ठप्प पड़ा हुआ है।ऐसे में अमेरिका और यूरोपीय देशों की तरफ से अपने घरेलू बाजार में आपूर्ति सुनिश्चित करने को लेकर विकल्प के तौर पर भारतीय कपड़ा-परिधान क्षेत्र से सीधा संपर्क साधा जाने लगा है।जिससे भारतीय कपड़ा-परिधान क्षेत्रों के समक्ष एक सुनहरा अवसर प्राप्त हो रखा है।जिसको लेकर भारतीय निर्यातकों को बेहद चौकस होना पड़ेगा ताकि इस अवसर को समय रहते भुनाया जा सकेगा और कपड़ा-परिधान के निर्यात को सुधारा जा सकेगा।जिसको लेकर निश्चित रुप से भारतीय कपड़ा-परिधान के निर्यात मोर्चे पर सकारात्मक रुख बनने के आसार नजर आ रहे हैं।जिसको लेकर केन्द सरकार की तरफ से भारतीय कपड़ा निर्यातकों को विशेष रुप से प्रोत्साहन दिए जाने की आवश्यकता है ताकि कपड़ा-परिधान के निर्यात को पश्चिमी देशों में अधिकाधिक निष्पादित करने में मदद मिल सकेगी।बहरहाल बंगलादेश,वियतनाम,कंबोडिया जैसे देशों की तुलना में भारतीय कपड़ा-परिधान की लागत अपेक्षाकृत काफी अधिक है।जिससे भारतीय कपड़ा-परिधान के निर्यातकों को निर्यात के मोर्चे पर भारी प्रतिस्पर्धा करनी पड़ रही है।ऐसे में केद्र सरकारी की तरफ से भारतीय कपड़ा-परिधान के निर्यातक को वस्तु निर्यात प्रोत्साहन योजना (एमईआईएस) के तहत दिए जा रहे चार प्रतिशत का प्रोत्साहन स्कीम को पुन: बहाल किया जाए जो कि लगभग एक वर्ष से रोक लगा रखी है।वहीं एमईआईएस स्कीम के तहत कपड़ा से निर्मित परिधान के निर्यात पर निर्यातकों से सभी प्रोत्साहन वसूले जाने हैं जिस पर अविलम्ब रोक हटाई जाए।वहीं पुराने राज्य शुल्क से राहत (आरओएसएल) योजना के तहत चुनिंदा दावे अभी तक लंबित है और इस योजना को लगभग एक वर्ष पहले रोक दिया गया था जिसे पुन: बहाल किया जाए ताकि निर्यातकों को प्रोत्साहन मिल सकेगा और भारतीय कपड़ा-परिधान के निर्यात को बढाने पर विशेष रुप से ध्यान केद्रित करेंगे।जिससे ही  सही मायने में कपड़ा-परिधान के निर्यात के मोर्चे पर सुधार का मार्ग प्रशस्त हो सकेगा।इसीबीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी पत्नि मेलनिया ट्रंप की भारत यात्रा 24-25 फरवरी 2020 को प्रस्तावित है।जिसमें द्विपक्षीय व्यापार के समझौते होंगे।जिसको लेकर मोदी सरकार को अमेरिका के साथ जनरलाइज्ड सिस्टम ऑफ प्रिपैरेंस (जीएसटी) के तहत लगाई गई रोक को हटाने के लिए भरसक प्रयत्न करने की कोशिश की जाए ताकि भारतीय कपड़ा-परिधान के निर्यात मोर्चे पर सुधार हो सकेगा। उल्लेखनीय है कि अमेरिका ने भारत को जीपीएस की छूट 5 जून 2019 को वापस ले लिया था।जिसके बाद से भारतीय कपड़ा-परिधान का अमेरिका में निर्यात प्रभावित हो रखा है क्योंकि निर्यातकों को काफी छूट प्राप्त थीअधिक शुल्क वहन करना पड़ता है।

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