बाजार में नकली मालों की उपलब्धता बढ़ने का भय

हमारे संवाददाता 
खाद्यपदार्थ़ों के  बाजार पर सरकार की ऐजेंसियें की कड़ी निगरानी जरूरत है । वायरस की बीमारी में नकली के चलन वाले बाजार में नकली पर हाथ घो सकते हे । ऐसा बाजार विशेषज्ञों का मानना है । समाचार पत्रों और मंडी व्यापारिक क्षेत्रों से ली गई जानकारी के अनुसार बाजर में कुछ खाद्यपदार्थो पर अचानक से बढ़ी तेजी के पीछे बाजार में बढ़ रही उपलब्धता है । एकदम से थोक मंडियों में कृषि उपज के साथ ही मसालों  के साथ ही सब्जी  और फ्रुट्स की आवक बढ़ने लगी है । भाव भी विगत् हप्ते के मुकाबले कमजोर थे । आम जनता से मिली जानकारी थ अनुसार आलु, प्याज, लहसून पर जब से वायदा बाजार चालु हुआ है तब से अन्य सब्जी पर भी जमाखोर व्यापारियों का सायां चल रहा है अब एकदम से उपलब्धता बढ़ने का कारण भी वही व्यापार जगत का होना बताया जा रहा है । सबिज्यां बेस्वाद होकर बाजार में आ रही है । उनके अनुसार बड़े स्टॉक केंद्र, केमिकल से पकाने के  स्टोरेज बनते जा रहे है वही छोटे कारोबारी भी इन धंधे में शामिल होकर बाजार को जहर  भरी सब्जियां बेच रहे है । फुट्स, लौकी, गिलकी, तुराई, करेले तथा अन्य का रूप इन दिनों देखते ही बनता है । इन सब्जियों पर जांच प्रशासन की कोई  जांच नहीं है ।  दूध, तेल के साथ ही सब्जियों की जांच  के लिये  कोई  लेबोरेटी प्रदेश में नहीं है । उनके अनुसार स्पॉट चेकिंग पर शुद्व घी की परख तो घी व्यापारी रखते है मगर प्रशासनिक एक्सपर्ट कोई नहीं है । आगे गर्मी के फ्रुट के उपर कलर और पेस्टीसाईड का 
प्रभाव देखने को मिल सकता है । देश में बढ रहे केंसर के ग्राफ से ही सरकार को चेतना चाहिये । आम जनता की बीमारी का कारण कोरोना वायरस है या नकली मिलावट का बाजार।

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