कोरोना वायरस : लहसुन-अदरक मिर्च का भाव आसमान पर

इब्राहिम पटेल 
चीन और दुनिया भर में फैले कोरोनो वायरस लहसुन, मिर्च और अदरक को आसमान पर पहुंचा देगा ऐसी संभावना निर्माण हुई है। चीन से फैली इस महामारी ने मांग आपूर्ति के सिद्धांतों को सर के बल कर देने से, सभी कमोडिटी में भारी उथलपुथल मच गई है। इसका हालिया उदाहरण चीन के थोक लहसुन, मिर्च और अदरक का बाजार है। इसका रेला अब पूरी दुनिया में आएगा, क्योंकि यह सुगंधित और मजेदार टेस्ट वाले पदार्थ़ों की पूरी दुनिया को सबसे अधिक निर्यात चीन करता है। आपको जानकर हैरानी होंगी की चीन की कमोडिटी डेटा संस्थान अनुसार, विश्व की कुल आबादी को 80 प्रतिशत लहसुन, 47 प्रतिशत अदरक और 20 प्रतिशत मिर्च की आपूर्ति करती है। 
बेशक, महाराष्ट्र, गुजरात और राजस्थान से भारतीय बाजार में लहसुन, मिर्च, प्याज और अदरक की आपूर्ति शुरू होते ही बढ़ते भाव में गिरावट दर्ज हुई है। वर्ष की शुरुआत में इन सभी वस्तुओं के भाव ऑल टाईम हाई पहुंच गए थे। व्यापारियों का कहना है कि भारत में भारी बारिश और आपूर्ति श्रृंखला अराजकता के साथ चीन से आयात कम होने से भाव में नई ऊंचाई प्राप्त हुई थी। नासिक (महाराष्ट्र), भावनगर (गुजरात), कोटा और जालावाड (राजस्थान) से आय अचानक घटने से सितंबर 2019 से भाव बढ़ने लगे थे। 
अतिवृष्टि और मानसून लंबा चलने की वजह से लहसुन, अदरक और मिर्च की फसल को प्राप्त उत्तम मौसम की वजह से, उत्पादन (यिल्ड) अधिक आने से भाव दबाव में आ गए है। पिछले तीन सप्ताह में लहसुन के थोक भाव प्रति किलो रु. 100 घटकर रु. 70 से 80 के नजदीक पहुंच गया है। एक थोक व्यापारी ने कहा कि अप्रैल में मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान और गुजरात से लहसुन की नई आपूर्ति शुरू हो जाएगी। 
चीन के बाद भारत और जर्मनी अदरक के दो बड़े निर्यातक देश हैं, बाद के क्रम में स्पेन और अर्ज़ेंटीना भी बड़े निर्यातक हैं। एक भारतीय आयातक ने कहा था कि जनवरी के बाद से चीन से कोई सामान की आयात नहीं हुई है और अभी यह स्पष्ट नहीं है कि चीन के गोदाम कब खुलेंगे। आयातकों अब स्टॉक जमा करने स्पेन, चिली या इजिप्त की ओर नजर रखकर बैठे हैं। स्पेन के लहसुन के भाव 25 प्रतिशत बढ़ गए है, अदरक भी इतना महंगा हो गया है। उन्होंने कहा कि यूरोपीय बाजार में भारी कमी आई है। हमारी अदरक की फैक्ट्री चीन में है, लेकिन वायरस की वजह से चीन के नए साल के बाद से यह बंद रखने के लिए मजबूर होना पड़ा है। हमारे पास अब निर्यात के लिए स्टॉक मामूली है। 
कोरोना वायरस शुरू होने के बाद चीन में लहसुन और अदरक के भाव में कोई बड़ा अंतर नहीं आया है। लेकिन वैश्विक बाजार में भाव की जो घटबढ़ है, यह सीमित आपूर्ति की वजह से है। यदि कोरोना वायरस की मौजूदगी लंबी चलेगी, तब लहसुन, मिर्च, प्याज और अदरक की उपलब्धता घटने से भाव पर नकारात्मक प्रभाव होगा। लेकिन वैकल्पिक बाजारों में से यह कमोडिटी आयात के द्वार खुले रहेंगे। बांग्लादेश वर्तमान में भारत, पाकिस्तान और इंडोनेशिया से अदरक, लहसुन आयात करने के लिए सोच रहा है। बांग्लादेश की वार्षिक 28 प्रतिशत अदरक की मांग भारत पूरा करता है।

© 2020 Saurashtra Trust

Developed & Maintain by Webpioneer