इटली के फैशन उद्योग में चीनी कामगार भारी तादाद में कार्यरत

इटली के फैशन उद्योग में चीनी कामगार भारी तादाद में कार्यरत
हमारे संवाददाता
नई दिल्ली । यूरोप में कोरोना वायरस से ईटली सर्वाधिक प्रभावित हुआ है क्योंकि इटली के फैशन उद्योग में चीनी कामगार भारी तादाद में कार्यरत है।जिसके चलते इटली में कोरोना वायरस का प्रकोप विशेष रुप बढा है।जिससे जान माल की भारी क्षति पहुंची है और इटली की अर्थव्यवस्था व्यापक रुप से चरमा गई है।जिससे उबरने में वर्ष़ों लगेंगे।
दरअसल यूरोपीय देशों में इटली का उत्तरी हिस्सा फैशन और गारमेंट इंडस्ट्रीज तेजी से फलफूल रहा है।जिसमें वैश्विक स्तर की प्रतिष्ठित वैश्विक फैशन ब्रांड जैसे कि गुची और प्राडा इटली के उत्तरी हिस्सा बुनियादी आधार है।चूंकि चीन विश्व में सस्ती मैन्युफैक्चरिंग उपलब्ध करवाता है जिसको लेकर  इटली के अधिकतर फैशन ब्रांड चीन के साथ मिलकर काम कर रहे हैं ।जिसके तहत इटली के इन फैशन हाउस में सस्ते कामगारों के रुप में चीनी कामगारों का हायर किया हुआ है जिसमें अधिकांशत: चीन के वुहान के नागरिक कार्यरत हैं जिससे ही इटली में कोरोना वायरस संक्रमित हुआ है।
उल्लेखनीय है कि इटली से वुहान के लिए सीधी फ्लाइट है और इटली की फैक्ट्री में एक लाख से अधिक चीनी नागरिक कार्यरत हैं ।चूंकि इटली के फैशन उद्योग में रोजगार के काफी अवसर है।ऐसे में चीनी नागरिकों ने धीरे धीरे इटली में अपनी पैठ बना ली है और इटली के कई फैशन प्रतिष्ठानों के मालिक चीनी नागरिक बन गए हैं ।यद्यपि इटली में लगभग 3 लाख चीनी नागरिक हैं  जिसमें से 90 प्रतिशत चीनी नागरिक गारमेंट फैक्ट्री में कार्यरत हैं ।जिसके तहत इटली में हजारों की तादाद में छोटी फैशन इकाइयों कार्यरत है जो कि निर्यात से संबंधित है और एक दुसरे से आपस में जुड़े हुए हैं ।ऐसे में चीन के बाद इटली कोरोना वायरस से विश्व में दूसरा सबसे प्रभावित देश है।जिसके तहत इटली में गारमेंट इंडस्ट्री को 100 अरब डॉलर का नुकसान हुआ है क्योंकि चीन के उपभोक्ता मार्केट से इटली का सीधा जुड़ा है।ऐसे में कोरोना वायरस से इटली की अर्थव्यवस्था काफी प्रभावित हुआ है।

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