सरकार दलहन के बफर स्टॉक को बढ़ाकर करेगी 20 लाख टन

सरकार दलहन के बफर स्टॉक को बढ़ाकर करेगी 20 लाख टन
नई दिल्ली। केंद्र सरकार अब दलहन के बफर स्टॉक को 16 लाख टन से बढ़ाकर 19.5 लाख टन करने पर विचार कर रही है। नीति आयोग के सदस्य रमेश चंद ने इससे पहले दलहन का बफर स्टॉक इस साल 16-16.5 लाख टन करने का प्रस्ताव रखा था। हालांकि, पहले सरकार इस प्रस्ताव से सहमत हो गई थी लेकिन बाद में यह महसूस हुआ कि प्रस्तावित बफर से इसका उद्देश्य पूरा नहीं हो पाएगा।  एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी के मुताबिक देश में उत्पादन घटने से नवंबर-दिसंबर में प्याज की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई थी, ठीक वैसा ही दलहन में कम बफर स्टॉक रखने पर हो सकता है क्योंकि अधिक बफर पर ऐसी भाव बढ़ोत्तरी को टाला जा सकता है। 
देश के उत्तरी, पश्चिमी एवं मध्य भागों में हाल में हुई बारिश एवं ओलावृष्टि से रबी की खड़ी फसलों को नुकसान हुआ है। खासकर चने की फसल को नुकसान हुआ है। बता दें कि दो साल पहले दलहन का बफर स्टॉक 20 लाख टन किया गया था जिससे बाजार में भाव बढ़ने पर उपभोक्ताओं को सुरक्षा की जा सके। हालांकि, बफर से दलहन के दाम घटे एवं सरकार को अपने पास रखी दलहन कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से बेचनी पड़ी। केंद्र सरकार ने नाफैड को 8.47 लाख टन दलहन राज्यों को बेचने को कहा है। वर्तमान में सरकार के पास दलहन का स्टॉक तकरीबन 14 लाख टन है। सरकार लंबे समय के लिए दलहन का स्टॉक नहीं कर सकती क्योंकि इसकी आयु कम होती है। पुरानी दलहन निकालकर नई दलहन का ही स्टॉक करना होता है। 
बता दें कि वर्ष 2019-20 (जुलाई-जून) में दलहन उत्पादन 230.2 लाख टन रहने का अनुमान है जो वर्ष 2018-19 में 220.8 लाख टन था। खरीफ फसल 2019-20 में दलहन का उत्पादन 82 लाख टन रहा जबकि एक साल पहले यह उत्पादन 86 लाख टन था। दलहन उत्पादन के मुख्य इलाकों में दक्षिण-पश्चिम मानसून के तहत अधिक बारिश होने से खड़ी फसल को नुकसान हुआ।

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