इस वर्ष देश में मानसून सामान्य रहने की संभावना

इस वर्ष देश में मानसून सामान्य रहने की संभावना
मौसम विभाग का पूर्वानुमान
हमारे संवाददाता
नई दिल्ली । भारतीय मौसम विभाग की तरफ से भारतीय मौसम को लेकर जो नवीनतम अनुमान में कहा गया है कि इस बार मानसून के पहले और देश में मानसून की शुरुआत होने के बाद मई,जून व जुलाई में में अलनीनो तटस्थ रहने के आसार है।ऐसे में दक्षिण-पश्चिम मानसून की गति बाधित होगा।बहरहाल इसके उपरांत समुद्र के सतह के तापमान में और गिरावट आएगी।जिससे जुलाई के बाद ला-नीनो की रफ्तार जोर पड़ेगी।ऐसे हालात बनने से इस वर्ष देश में मानसून सामान्य रहने की संभावना है।जिससे स्वभाविक है कि इस बार भी अगले खरीफ फसल मौसम में फसलों की उपज अच्छी होने के आसार बनेंगे।
दरअसल देश में जुलाई माह मानसून के लिहाज से महत्वपूर्ण होता है क्योंकि इस महीने मानसून की अच्छी बारिश होती है। जिससे देश में कृषि को लेकर मानसून महत्वपूर्ण है क्योंकि देश के कृषि क्षेत्रों में बारिश से सिंचाई होती है।जिससे फसलों को पोषण मिलता है और कृषि उपज अच्छी होती है जिससे देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है।वहीं भारतीय मौसम विभाग की तरफ से कहा गया है कि अलनीनो को पूर्वी उष्णकटिबंधीय प्रशांत महासागर की सतह के तापमान में दीर्धा अवधि के औसत से 0.5 डिग्री सेंटीग्रेड की वृद्वि होगी।वहीं इसके उलट ला-नीनो को उसी क्षेत्र में दीर्घावधि के औसत से 0.5 डिग्री सेंटीग्रेड की कमी होगी।भारतीय मौसम को लेकर मौसम का पूर्वानुमान आकलन करने वाली निजी एजेंसी स्काईमेट ने अपनी एक अध्ययन रिपोर्ट में कहा है कि पिछले 135 वर्ष़ों के तहत 1880 और 2014 तक अलनीनो वाले लगभग 90 प्रतिशत वर्ष़ों में  में सामान्य से कम बारिश हूई है।वहीं 65 प्रतिशत वर्ष़ों में अलनीनो विकसित होने से सूखा पड़ा है।
बहरहाल किसी अल नीनो वर्ष के तहत आम तौर पर औसत से कम बारिश होती हैजिससे फसल उपज पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।इसके अतिरिक्त हिंद महासागर द्विधुव भी ऐसा कारक है जो कि भारत में दक्षिण-पश्चिम मानसून के प्रभाव पर असर डालता है।बरहाल भारतीय मौसम विभाग की तरफ से पूर्वानुमानित अवधि के तहत यह भी तटस्थ रहने की उम्मीद है।

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