7 करोड़ व्यापारी 22 मार्च को जनता कर्फ्यू में होंगे शामिल

7 करोड़ व्यापारी 22 मार्च को जनता कर्फ्यू में होंगे शामिल
40 हजार से अधिक कारोबारी संगठनों का फैसला
रमाकांत चौधरी 
नई दिल्ली । प्रधानमंत्री श्री नरेद्र मोदी द्वारा 19 मार्च 2020 को रात्रि 8 बजे कोरोना वायरस से निपटने को लेकर राष्ट्र के नाम संबोधन में संकल्प और संयम की अपील की है।उन्होंने राष्ट्र के नाम संबोधन में कहा कि 22 मार्च 2020 रविवार को जनता कर्फ्यू को सफल बनाने में सहयोग मांगा और अपने घरों में रहने की अपील करते हुए लोगों से मांगे कुछ हफ्ते।वहीं बच्चे व बुजुर्ग बाहर न निकलें यह एहतियात जरुरी है।उन्होंने भारतवासी सजग रहे,आने वाले कुछ सप्ताह जब तक बहुत जरुरी न हो अपने घर से बाहर नहीं निकलें।वहीं 60 से 65 वर्ष की आयु के ऊपर के व्यक्ति घर के भीतर ही रहें।22 मार्च रविवार को सुबह 7 बजे रात्रि न बजे तक जनता कर्फ्यू का पालन करें।दूसरों की सेवा कर रहें लोगों का 22 मार्च की शाम को 5 बजे 5 मिनट तक ताली बजाकर ध्वनि के साथ अभार व्यक्त करें।रुटीन चेक-अप के लिए अस्पताल जाने से बचें।वहीं सर्जरी बहुत आवश्यक न हो तो उसकी तारीख आगे बढाएं।वहीं वित्त मंत्री के नेतृत्व में गठित कोविड-19 इकोनोमिक रिसपास टास्ट फोर्स से आवश्यक फैसले लेने का आग्रह किया।व्यापार जगत,उच्च आय वर्ग,दूसरों का वेतन न काटने का आग्रह किया।वहीं देश वासियों से सामान संग्रह नहीं करने,खरीदी को लेकर दहशत नहीं करने का आग्रह किया।वहीं आशंकाओं और अफवाहों से बचने का आगह किया है।
प्रधानमंत्री श्री नरेद्र मोदी द्वारा 19 मार्च 2020 को अपने राष्ट्र संबोधन में 22 मार्च 2020 को देश भर में जनता कर्फ्यू को अपना पूर्ण समर्थन देते हुए देश भर के व्यापारियों की अग्रणी संगठन कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने 20 मार्च 2020 को घोषणा करते हुए कहा कि देश भर के 7 करोड़ व्यापारी अपने व्यापारिक प्रतिष्ठान पूर्ण रुप से बंद रखकर जनता कर्फ्यू में शामिल होंगे और 22 मार्च 2020 को देश भर में कोई कारोबार नहीं करेंगे।जिसको लेकर देश भर के व्यापारियों के पास लगभग 40 करोड़ कर्मचारी भी उस दिन घर में ही रहेंगे।वहीं देश भर में लगभग 40 हजार से अधिक व्यापारिक संगठन् जनता कर्फ्यू अभियान में शामिल होंगे।जिसके तहत एक तरफ महाराष्ट्र,गुजरात,उत्तर प्रदेश,दिल्ली, राजस्थान, मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के व्यापारिक संगठन हैं ।वहीं दूसरी तरफ नार्थ ईस्ट,जम्मू-कश्मीर,अंडमान निकोबार, लक्ष्यद्वीप, पुंडुचेरी जैसे सूदर प्रदेशों के व्यापारी भी अति उत्साहपूर्वक इस अभियान में शामिल होंगे।
कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री बी.सी.भरतिया एवं राष्ट्रीय महामंत्री श्री प्रवीन खंडेलवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री की यह पहल कोरोना वायरस के खतरे को कम्युनिटी ट्रांसमिशन में नहीं बदलले जाने की एक राष्ट्रवाद कवायद है जो कि बेहद जरुरी है।उन्होंने बताया कि एक तरफ व्यापारी जनता कर्फ्यू में शामिल होंगे वहीं दूसरी तरफ कैट ने रिटेल व्यापार के अन्य वर्ग जैसे कि ट्रांसपोर्ट, लघु उद्योग,हॉकर्स,स्वरोजगारत उद्यमी,महिला उद्यमी आदि के संगठनों ने भी जनता कर्फ्यू में शामिल होंगे।जिसके तहत दिल्ली में लगभग 15 लाख छोटे-बड़े वयापारी प्रधानमंत्री श्री नरेद्र मोदी क्षरा 22 मार्च 2020 को जनता कर्फ्यू के आव्हान में शामिल होकर अपने व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रखेंगे।यह घोषणा कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने करते हुए कहा कि कोरोना वायरस के संभावित कम्यूनिटी ट्रांसमिशन को रोकने के लिए प्रधानमंत्री द्वारा उठाया गया बहुत ही प्रभावी और सकारात्मक कदम है और दिल्ली के व्यापारी इस घोषणा का पूरी तरह से समर्थन करते हैं ।दिल्ली में थोक बाजार भी रविवार को बंद रहते हैं ।बहरहाल दिल्ली के कई होलसेल व रिर्टैल बाजार खुलते हैं ।ऐसे में दिल्ली के सभी थोक व रिटेल बाजार 22 मार्च को पूरी तरह से बंद रहेंगे और जनता कर्फ्यू में शामिल होंगे।
श्री भरतिया एवं श्री खंडेलवाल ने बताया कि प्रधानमंत्री के राष्ट्र के नाम संबोधन की बात को कैट ने देश के सभी राज्यों के लगभग 300 प्रमुख व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों को जनता कर्फ्यू में शामिल होने का संदेश व्हाइटसअप संदेश भेजा ओर उस संदेश पर देश भर के व्यापारी प्रतिनिधियों ने अपने राज्यों के व्यापारियां से व्हाटसअप संदेश के द्वारा उनकी राय मांगी तथा उसके अनुरुप देश भर के व्यापारी प्रतिनिधियों ने जनता कर्फ्यू में शामिल होने को समय की आवश्यकता बताया है और देर रात तग कैट को सभी राज्यों के शामिल होने की सहमति मिल गई।जिसके उपरांत ही कैट ने 22 मार्च को देश भर के व्यापार बंद की घोषणा की है।उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस का कम्यूनिटी ट्रांसमिशन रोकने की दिशा में यह कदम बेहद कारगर साबित होगा।

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