एल्यूमीनियम दिसंबर 2015 के बाद के 1485 डॉलर के तल पर

इब्राहिम पटेल 
मुंबई । अमेरिकी वाणिज्य मंत्रालय ने मंगलवार को चेतावनी के स्वर में कहा था कि हमने जर्मनी, बहरीन और ओमान सहित के 18 देशों में से आती, कोमन एलोय एल्यूमीनियम की अंधाधुंध आयात सौदे की जांच शुरू कर दी है। इस ओर लंदन मेटल एक्सचेंज (एलएमई) में एल्यूमीनियम के स्टॉक में व्यापक वृद्धि हो रही है, ऑन वारंट मेटल का आंकड़ा 791,850 टन से बढ़कर 9.94 लाख टन की ऊंचाई पर पहुंच गया है। यह दोनों घटनाओं के सीधे प्रत्याघात के रूप में एलएमई त्रैमासिक वायदा बुधवार को 1485 डॉलर प्रति टन, दिसंबर 2015 के बाद के तल पर बैठ गया। मांग लगातार घट रही होने से भाव पर दबाव जारी है। दो साल पहले चीन बाहर के सबसे बड़े एल्यूमीनियम उत्पादक, रूसी कंपनी रूसेल पर अमेरिका ने व्यापार प्रतिबंध लागू करने के बाद मई 2018 में भाव ऊछलकर 2500 डॉलर हुए थे, उसके बाद कभी बढ़ा नहीं है। 
दुनियाभर के एल्यूमीनियम उत्पादकों में से पचास प्रतिशत उत्पादकों अभी नुकसानी में काम कर रहे हैं। इसके अलावा लंदन मेटल एक्सचेंज में व्यापक स्टॉक प्रवाहित हो रहा है। बाजार में सरप्लस स्टॉक बड़ा होने के पूर्वानुमान को देखते हुए, ट्रेडर्स वायदा बाजार में चल रहे लंबी डिलिवरी में सीधा बदला (नियर मंथ की तुलना में लंबी डिलिवरी में ऊंचे भाव) का लाभ लेने के लिए, सस्ती लोन प्राप्त करके हाजिर में से माल खरीदकर एक्सचेंज के वेयरहाउस में जमा करा रहे हैं। जमा किए गए स्टॉक की वेयरहाउस रसीद के सामने, हेज (सुरक्षा) के रूप में वायदा में बिक्री कर ड़ाली है। यह संभव है कि अधिशेष स्टॉक की साईज का पूर्वानुमान किया जा रहा है, इसे देखते हुए सीधा बदला का व्यापार, आने वाले महीनों में बाजार में फिरते अतिरिक्त माल को इधर उधर करने में मददगार साबित होगा। 
मुंबई स्थित एक मेटल ट्रेडर का कहना है कि लोगों कहते हैं उसके मुकाबले बाजार में अधिशेष स्टॉक बहुत अधिक है। ऑटो उद्योग हाल में अपने सबसे बुरे समय से गुजर रहा है। पूरी दुनिया कोरोना लॉक डाउन मोड में है, तब हमें नहीं पता कि मांग में यह कहां तक और कितनी बड़ी गिरावट जेलेगा, कमोडिटी बाजार अभी इसका घटनाओ का प्रतिबिंब दिखलाता है। मारेक्स स्पेक्टन के डेटा का कहना है कि पिछले गुरुवार तक कुल ओपन पोज़िशन (खड़े ओलिए) का 47 प्रतिशत यानि की 2.6 लाख टन मंदौड़िए की शोर्ट (बिक्री) पोज़िशन थी। जुलाई 2012 के बाद की यह सबसे अधिक शोर्ट पोज़िशन है। मारेक्स एक नोट में कहते है कि उस समय कुल खड़े ओलिए की 67 प्रतिशत पोज़िशन मंदौड़िए के हाथों में थी। शंघाई फ्यूचर्स एक्सचेंज वेयरहाउस मंय पिछले सप्ताह स्टॉक 5922 टन घटकर 528072 रहा था। इसके बावजूद वर्ष की शुरुआत में 1.90 लाख टन की तुलना में यह बहुत अधिक है। 
न्यूज़ीलैंड द्वारा सरकारी प्रतिबंध लगाए जाने के बाद रियो टिंटो ने अपने एक एल्यूमीनियम स्मेल्टर को बंद कर दिया है। कोरोना वायरस की वजह से अधिकतम एल्यूमीनियम उपभोक्ता उद्योगों अभी बंद हालात में हैं। उत्पादक कंपनी में बहुत मालबोज है, जो लाखो लोगों की रोजीरोटी छीन लेने की भूमिका में आ गए हैं।

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