यूनिफार्म फैब्रिक से है थोड़ी उम्मीद

यूनिफार्म फैब्रिक से है थोड़ी उम्मीद
लग्नसरा एवं रमजान की ग्राहकी हुई बरबाद
हमारे संवाददाता
मुंबई । वर्तमान में भारत देश के साथ साथ पूरा विश्वन कोरोना महामारी से लड़ाई में जूझ रहा है, जिसके चलते हर जगह सम्पू र्ण बंदी का माहौल है। हर कोई अपने अपने घरों में बंद रहकर इस महामारी से लड़ रहा है, और इस बंदी के चलते विवाह के समारोह भी नहीं हो पा रहे हैं, नाहीं किसी तरह के कोई एक्जिविशन, ट्रेड फेयर या फैब्रिक डिसप्लेघ ही हो रहे हैं। यहां तक कि जिन्हेंने एक्जिविशन की तारीखें तय कर ली थी, उन्हों ने भी उसे आगे बढ़ा दिया है। वर्तमान में माहौल पूरी तरह से अनिश्चितता से भरा हुआ है, और जो भी वैवाहिक कारीक्रम एवं एक्जिविशन आगे बढ़ाये जा चुके हैं, उनकी भी कोई तारीख फाइनल नहीं है, क्योंढकि फिलहाल पूरा माहौल अपनी एवं अपनो की जान बचाने का है। कहते हैं ना कि जान है तो जहान है।  
कपड़ा बाजार में रूपयों की आवक का मुख्या सीजन अप्रैल, मई एवं जून माह का रहता है। साथ ही यूनीफार्म फैब्रिक का सीजन भी इन्हींप महीनों में अपने चरम पर रहता है, किंतु वर्तमान की परिस्थितियों के चलते सारा मारकेट, सारा कामकाज, सबकुछ ठप हो गया है। रूपयों की आवक की मुख्यट सीजन थम गयी है।  
सीजन अनुरूप कपड़ा व्या पारियों की मारकेटिंग टीम्सछ के बंदे देश भर की कपड़ा मंडियों में ऑरडर बुकिंग के लिए गये हुए थे । उनमें से अधिकतर लोग जहां हैं वहीं फसे हुए हैं, अपने अपने घर परिवार से दूर, और ऐसे माहौल में सभी में चिंता भी व्यापप्ता है।  
कपड़ा उत्पाजदक, व्या पारी, ट्रेडर हर कोई बड़ी तकलीफ से गुजर रहा है। क्योंपकि कपड़े का सारा का सारा व्या पार उधार का है, और इसके अलावा प्रोडक्शंन में माल, घर का स्टॉयक और देश भर की कपड़ा मंडियों में बकाया रकम इत्या दि इत्यायदि, इन सबकी गिनती की जाय तो कपड़ा जगत से जुड़े लोगों की वर्तमान परिस्थिति के साथ साथ आगामी 6 महीने काफी कठिनाई वाले साबित होंगे।

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