रबि फसल चना और गेहूं की बंपर फसल आने की उम्मीद

रबि फसल चना और गेहूं की बंपर फसल आने की उम्मीद
मौसम बिगड़ने से गेहूं, चना हुआ तेज 
इंदौर । सरकार ने वायरस के कारण देश में आई आपदा पर कानून का हवाला देते घोषित किया है कि खाद्यपदार्थ एक आवश्यक वस्तु है और माजूदा समय में ऐसे सभी वसतुओ की बाजार में उपलब्धी कम ना हो इससे इनके आवाजाही पर छूट दी गई है । अत: आवश्यक वस्तुओ की सप्लाई चैन में किसी प्रकार की कोताही सहन नही की जाऐगी । लॉकडाउन तक राष्ट्रिय राजमार्ग  का टोल फ्री भी कर दिया गया है । बावजूद खाद्य तेलो के भाव उपलब्धी के हवाले लेकर बढते गये है ।  
थोक दलहन-दाल मंडी बंद रही । कुछ कुछ व्यापार रहा जो सीधे किसानो के साथ सौदो में जो जैसा संतोष कर गया उनके सौदे हो गये । खेरची व्यापार जनता की जरूरतो को पूरा करता रहा । प्रशासन की गाईउलाईन अनुसार खेरची किराना और अन्य खाद्य वस्तुओं केलिये तय टाई सुबह 8 से दोपहर 1 बजे तक का कुछ कुद इलाको में छूट दिया है और कुछ इलाका में कडाई के साथ समय सीमा की कमी कर छूट दी है । विगत् हप्ते की शुरूआत में मालवा का मौसम अचानक बिगउने से खेतो में कटा पडा गेहूं और नही कट पाया गेहूं खराब होने क आश्कां के चलते गेहूं में कुछ तेजी रही बताया गया हे । इसी तरह चना भी तेज हुआ बताया जा रहा है । गेहूं की इस वर्ष बंपर फसल आने और वायरस प्रकोप के कारण सरकार अधिक  गेहूं खरीद सकती है । क खबर है । केंद्र ओर प्रदेशिक सरकार द्वारा गरीबो को गेहूं , चाल, दाले अन्य वस्तुओ कीउपलब्धी सस्ते भाव चैन पर उपलब्धता कराई जा रही है । इससे केंद्रिय पूल में पडा अनाज सरकार द्वारा उपलब्ध कराने हेतु आदेश सरकारी वागो को दिये बताऐ जा रहे है ।   इसी बीच कुछ दल-दलहनो में मामूली तेजी रही  । तुवॉरदाल, मुंगदाल उडददाल महंगे रहे । चना काबली चना भी मामुल तेज रहा ।  
नारियल मे ंउत्पादन कम या उत्पादक मंडिया में आवक कम होने से स्थानीय मेंभी आवके कम हो रही है । हांलाकि भारी उंचे भाव 2400 रू 250 भरती का भाव जाने के बाद गत् हप्ते तक 2350 रू तक होना बताए जा रहे थे ।  मांग में कमी बताई जा रही होने से उत्पादक मंडियो में नारियल का भाव जीरा उत्पदक मंडियां राजस्थान तरफ और उंझा गुजरात तरफ जीरा धनिया की आवके बढ गई है । जीरा की कोई 8 से 10 हजार बोरियो की आवके होने से वहां मंदी बढ गई है । जीरा का भाव उत्पादक मंडियो मे नये का 2600 से 3100 रू तक थोक भाव 20 किलो बोरी का होना बताया जा रहा है । वही पुराने जीरे का भाव 2350 से 2750 रू तक था ।  इंदौर लोकल में विगत् हप्ते कोरोना के कारण ट्रांसपोर्ट पर आवाजाही का कडाई होने का डर था सो विगत् हप्ते कई ट्रको में राजस्थान और उंणा तरफ कर जीरा धनिया विगत् हप्ते के शुरूआत तक माल की अधिकता की संभावना बढने से मंदा रहा मगर फिर ट्रको की आवजाही पर रोक लगने से गत् हप्ते इनमें मामूली तेजी की खबरे उपलब्धी मे कमी आने के डर से रही । काली मिचख्छ का आयात इस वर्ष अधिकता में होना बताया जा रहा है इससे उपलब्धि बढने पर मंदी रही और आगे मंदी की धारणा भी बताई जा रही है । शक्कर के उत्पादन में अभी तक के उत्पादन की पिछले वर्ष के उत्पादन की तुलना म ंकमी आई बताया रहा है । उ.प्र.शक्कर उत्पादन कारखानो में अभी तक पिराई में कमी आई बताई जा रही है । हांलाकि शक्कर का विगत् दो वर्षो उत्पादन कोई 260 लॉखटन होता रहा है । जो कि पिदल्थ वर्षो के उत्पदन 190-195 लॉखटन तक के उत्पादनो रेकार्डो से बहुत अधि ही है । इससे शक्कर स्टॉक में कमी नही है । हांलाकि शक्कर पर विगत् हप्ते में मामूली तेजी आकर पुन : मंदी होना बताई जा रही है । गोला मंदी में बताया जा रहा है । भाव 105 रू तक था । साबुदान स्थिर रहा ।

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