सोया, पाम तेल में अनिश्चितता का वातावरण

सोया, पाम तेल में अनिश्चितता का वातावरण
तिलहन भाव हाजिर और वायदा व्यापार में मंदी
इंदौर ।  विगत् हप्ते खाघ तेल बाजार में तेजी रही । इंदौर में कोरोना प्रभाव के कारण कंपलिट लॉकडाउन चल रहा होने से बाजार और मंडिया बंद थी । मंडिया बंद होने से व्यापारिक क्षैत्रो से मिली फोन खबर के अनुसार पाम तेल  उत्पादक देशो में उत्पादन बंद या उत्पादन कमी आने की खबरो से और पाम तेल के साथ ही अन्य तेल के आयात में कमी होने से उपलब्धी में आ रही कमी से खाद्य तेल बाजार तेज होना बताऐ जा है । विगत् हप्ते खाद्य तेलो में उल्टी चाल बनने से तेजी रही थी उसमे खाद्य तेल में भारी तेजी होकर फिर मजबूती बना ली है ।   सोया तेल की बाजार में व्यापारिक अनिश्चितता का वातावरण बना हुआ बताया जा रहा है । विगत् हप्ते के पूर्वार्ध में बाजार की चाल में सोया तेल भाव 775 रू तक उपर आने के बाद विगत् हप्ते ही गुरूवार से भाव में तेजी होकर सोया तेल भाव ग् हप्ते तक हाजिर में  850-855  रू तक होना बताऐ जा रहे थे । सरकार द्वारा टेरिफ दरो में किये गये परिवर्तन का भी असर मंदी का नही रहा था  बताया जा रहा है ं। वही इंदौर पाम तेल का भाव भी उछलकार 790 - 795 रू तक होना बताया जा रहा था । wमूंगफली तेल 1320 रू प्रति 10 किलो का भाव थोक में होना बताया जा रहा था । कपास्या तेल भी 715 रू तक होना बताया जा रहा था । बाजार जानकारो से जानकारी लेने पर पाया । क पाम तेल के आवक  कमजोर रहने और उपलब्धता में कमी आने से भाव बढे बताऐ जा रहे है । तेला पर भाव बढने का दूसरा कारण बाजार मे डर समाया होने से कुछ कमोडिटी पर भाव की तेजी व्यापार जगत की मानसिकता का होना बताया जा रहा है ।वैश्विक वायदा बाजार में भारी गिरावट जारी थी मगर देश में उपलब्धता में कमी आने का कारण तेज होना बताया जा रहा है । डॉलर की तेजी ने पाम तेल के आयात पर बढ रही टेरिफ आयात लागत के कारण तेज होना बताया जा रहा है । देशभर में लॉकडाउन के कारण ट्रांसपोर्ट सुविधा हेतु तेल के अग्रिम सौदो में राशि जमा की शर्त ने भी बाजार की तेजी का कारण बताया जा रहा है । हाजर में सोया तेल और पाम तेल की उपलब्धता में कमी से भाव दोनो के समान भाव बन गये है । तेजी का सबसे बडा कारण कोरोना वायरस है जिससे घट रहा आयात में कमी आना बताया जा रहा है । वैश्विक प्रभाव का असर और सोया डीओसी की निर्यात मांग में भारी कमी का असर रहा कि सोयाबीन भाव भी गिरते जा रहे थे । भाव 3500 से 3600 रू तक होना बताऐ जा रहे थो । जबकि प्लंटो की डीलिवरी 3600 रू के अंदर ही होना बताई जा रही थी । बाजारो से ली गई जानकारी के अनुसार खाद्य तेलो में भारी मांग घटी बताई जा रही थी । इससे धारणा प्रबल है कि आगे भी मंदी की चाल रहने वाली है ।  दूसरी तरफ पाम तेल के आयात प्रभावित होने और उसमें मांग में आई कमी से मूंगफली तेल की तरफ जन मानस का रूझान बढने से मूंगफली तेल में तेजी होना बताई जा रही थी। इस वर्ष सोयाबीन और मुंगफली दोनो का भी उत्पादन सामान्य से कही अधिक होने की धारणा है । सरसों, रायडा की भी इस वर्ष अच्छी पैदावार हुई बताते हे । इससे भारी आवको के बीच थोक मंडियो में सरसो रायडा के भाव गिरे बताए गये है । सरसो भाव 2450 से 3500 और रायडा का भाव 3300 से 3400 रू तक होना बताए जा रहे थे।

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