एक अरब डॉलर मास्क निर्यात की संभावना

नई दिल्ली । केद्र सरकार ने नान मेडिकल और नान सर्जिकल मास्क के निर्यात की अनुमति दे दी है। यह मास्क काटन,सिल्क,वुल और अन्य मैटेरियल के बने हैं। उल्लेखनीय है । ज्ञातव्य हो कि केद्र सरकार ने 19 मार्च को सर्जिकल व डिस्पोजेबल मास्क और उसके कपड़े के निर्यात पर रोक लगा दी थी जिसस यह मास्क बनता है। चूंकि यह फैसला कोरोना वायरस को ध्यान में रखकर लिया गया था।।इससे पहले केद्र सरकार ने 31 जनवरी को पर्सनल प्रोटेक्शन  यूनिट (पीपीई)) के निर्यात पर रोक लगा दी थी।ऐसे तीन महीने में एक अरब डॉलर मास्क निर्यात होने की संभावना है।जिसको लेकर कपड़ा उद्योग ने इस करों का स्वागत किया है और कहा है कि यह कदम सही समय पर उठाया गया है। जिससे कपड़ा उद्योग का विकास होगा। 
दरअसल देश के कपड़ा निर्यातकों ने केद्र सरकार से लगातार काटन,सिल्क,वुल और बुने हुए मास्क के निर्यात पर ढील देने की मांग करते आ रहे थे। ऐसे में केद्र सरकार ने कपड़ा निर्यातकों की मांग को ध्यान में रखते हुए नान मेडिकल और नान सर्जिकल मास्क के निर्यात की अनुमति दे दी है। जिसको लेकर डायरेक्टर जनरल आफ फारेन ट्रेड (डीजीएफटी) ने अधिसूचना जारी कर दिया है। ऐसे में केद्र सरकार के इस फैसले का कपड़ा उद्योग ने स्वागत किया है।जिसको लेकर कपड़ा निर्यातकों की तरफ से कहा गया है कि पिछले कुछ अर्से से मास्क की भारी मांग आ रही थी। बहरहाल मास्क के निर्यात पर प्रतिबंध लगा हुआ था जिससे मास्क का निर्यात नहीं हो पा रहा था। ऐसे में अब केद्र सरकार की तरफ से ढील देने से मास्क का निर्यात पुन: शुरू हो जाएगा। जिसके तहत अगले तीन महीने में एक अरब डॉलर का मास्क निर्यात होने की संभावना है। 
उल्लेखनीय है कि केद्र सरकार ने 19 मार्च 2020 को सर्जिकल और डिस्पोजेबल मास्क और इसके कपड़े के निर्यात पर रोक लगा दी थी जिससे यह मास्क बनता है।यह फैसला कोरोना वायरस महामारी को ध्यान में रखकर लिया गया था। इससे पहले केद्र सरकार ने 31 जनवरी 2020 को पर्सनल प्रोटेक्शन यूनिट (पीपीई) के निर्यात पर रोक लगा दी थी।इति 
दिल्ली के चांदनी चौक वह आसपास के थोक कपड़ा व्यापारियों की अग्रणी संस्था दिल्ली हिंदुस्तानी मर्क़ेंटाइल एसोसिएशन (डीएचएएमए) के प्रधान अरुण सिंघानिया एवं महामंत्री मुकेश सचदेवा ने बताया कि दिल्ली सरकार की तरफ से कुछ शर्त़ों के साथ लाकडाउन के चौथे चरण में दिल्ली के बाजार और दुकानों को अनुमति दे दी है। जिसके उपरांत दिल्ली के चांदनी चौक की अधिकांशत: गली,कूचे,कटरे आड-ईवन के तहत कुल गए हैं। जिससे थोक व्यापारियों की तरफ से अपने कारोबारी प्रतिष्ठानों की सफाई व्यवस्था करवाई जा रही है और कपड़े को सजाने वाले संभालने के काम में जुट गए हैं। ऐसे में जैसा कि उम्मीद है अगले महीने से अंतरराज्यीय आवाजाही शुरू होगी। जिससे कपड़े का थोक कारोबार अगले महीने से शुरू होने की उम्मीद है।   

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