जीरा : बढ़ती आवक के सामने मांग घटने से घटता बाजार

जीरा : बढ़ती आवक के सामने मांग घटने से घटता बाजार
हल्दी : ग्राहकी के अभाव में आवक भी कम, बाजार स्थित 
जीरा : सोमवार को ऊंझा में जीरा की 50000 बोरी की आवक से बाजार प्रति किलो ?2 घटा. मंगलवार को 40000 बोरी की आवक होने से बाजार दूसरा ?2 प्रति किलो घटा. बुधवार को भी आवक का दबाव बना रहने से सेंटीमेंट बना रहा.  
जीरा की लगभग 90/95 लाख बोरी फसल में से लगभग 20/22 लाख बोरी फसल बाजार में आ गई है, अभी 70 लाख बोरी आनी बाकी है, जिससे व्यापार में किसी को उत्साह व उमंग नहीं है. किसान बाजार में माल लाने  में जितना विलंब करते हैं, उतना उनको नीचा भाव मिलता है.   
इसके अलावा इस वर्ष तुर्की, सीरिया और चीन में भी जीरा की बोआई अच्छी हुई है ऐसी ऊंझा से रिपोर्ट आई है.वहां फसल 2 महीने बाद आएगी. चीन में कोरोना के कारण तथा स्थानीय में फसल अच्छी होने से इस वर्ष यहां से वहां निर्यात काफी कम या नाममात्र होने की संभावना है. जीरा में स्टॉक हेतु माल खरीदने के लिए 1 महीने की प्रतीक्षा करें.  
हल्दी : आंध्र में राज्य सरकार की थोड़ी-थोड़ी खरीदी से बाजार स्थिर है. सांगली में 10,000/ 12000 बोरी की आवक आती है, इसमें अच्छे मालों में काफी दिनों बाद एक से डेढ़  रुपए का सुधार आया है, लेकिन ग्राहकी कुल मिलाकर कम है. कुछ स्टॉकिस्टों ने खरीदी की है. इसके अलावा मसाला वालों ने थोड़ी-थोड़ी खरीदी चालू रखी है, जिससे बाजार को थोड़ा समर्थन मिला है, लेकिन बसमतनगर, नांदेड और हिंगोली में आवक अच्छी है. जिससे हर स्तर पर किसान भाव घटाकर माल बेचते जा रहे हैं. वारंगल, केसमुद्रम,विकाराबाद, सदाशिव पेठ आदि छोटे केंद्रों में तो मानो खरीदार गायब ही हो गए हैं. किसान मजबूरी में कोल्ड स्टोरेज में या वेयर हाउसों में माल जमा कराते जा रहे हैं.  
निजामाबाद, इरोड और सेलम केंद्र में हल्दी के  किसान पहले बोवाई के समय हल्दी की दो लाइन के बीच की जमीन में मक्का की अच्छी फसल ले लेते थे. वहां भी मानो कुदरत रुठ गया हो उस तरह हल्दी के किसान जो मक्का दाना 2400 रु.प्रति क्विंटल में बेचते थे, इसका भाव घटकर 1200/1400 रु. हो गया है, इससे उनको उसमें भी नुकसान हुआ है. इसे देखते हुए कुछ अनुभवी किसान तो 2020 के जून-जुलाई में हल्दी के खेतों में बीच में मक्का की बोआई  करने के बदले हल्दी की अधिक बुआई कर दे तो आकार्य नहीं. इससे धंधा काफी सावधानी से करें. 

© 2020 Saurashtra Trust

Developed & Maintain by Webpioneer