रबि फसल चना और गेहूं की सरकारी तौलाई जून माह तक रह सकती है जारी

रबि फसल चना और गेहूं की सरकारी तौलाई जून माह तक रह सकती है जारी
हमारे संवाद्दाता द्वारा  
इंदौर । इस वर्ष देशभर में गेहूं की बंपर फसल आई है । कई राज्यो ने सरकारी खरीदी भाव पर रेकार्ड खरीदी कर ली बताया जा रहा है । इस वर्ष गेहूं के भाव किसानो को अच्दे मिल रहे हे । इससे अधिकांश किसान सरकारी तुलई की तरफ ही मुख किये हुए हे । राज्य सरकार की ओर से  अभी तक हुई तुलाई में किसानो को उनके खातो में पैसा भी पहुंचा दिया गया बताया जा रहा है।  इससे कृषक जगत खुश बताया जा रहा है ।  म.प्र में अब तक कोई 90 लॉखटन गेहू की खरीदी हो चुकी है जो कि पिछले वर्ष से  अधिक होना बताई जार ही थी ।  
कृषि उत्पादन गेहू और चना की सरकारी खरीदी 15 अप्रेल से शुरू हो गई थी । इस वर्ष की बंपर फसल आने के कारण अभी कई किसानो का माल तुल नही पाया है । इस हेतु सरकार ने 15 जून तक खरीदी करने के आदेश दिये बताते है ।  प्रदेश की अधिकांश मंडियों में तुलाई जारी है  । प्रदेश के अधिकांश किसानो ने सरकारी खरीद मूल्य पर प्रसन्नता दिखाई है । अब तक कोई साढे बारह लॉख किसान अपना गेहू बेच चुके है  बताए जा रहे है । हांलाकि कृषि रकबो के छोटे - बडे बीघा अनुसार सरकार के तय अनुसार होने से खरीदी में और किसानो की बेचवाली मं अंसमंजस भी बना हुआ बताया जा रहा था । म. प्र. में अलग अलग  इलाको में कृषि रकबा 16.18, और 20 सा चलता है उस अनुसार एक बीधा में प्रति क्विंटल की पैदावार का अनुपात सरकार तय करती है। मगर किसान अपने रकबे में अपना उत्पादन प्रति क्विटंल अपने तरीके से तय कर रहे हे। सरकारी  कार्यालयो का कहना है कि जिस किसान ने अपना पंजीयन जिस रकबे से करवाया है उसी अनुसार प्रति रकबा क्विंटल पैदावर की खरीदी भरपाई होगी। संपवंद्दाता ने कृषकों से पता करने पर पाया कि, मसला यह है कि  इस वर्ष गेहूं की प्रकृतिक पैदावर प्रति बीघा बढकर आ रही है और उचित तुलाई पर किसान पूरी रकम चाहता है । बहरहाल केंद्र सरकार की एफसीआई की म.प्र में भारी रेकार्ड  खरीदी तय मूल्य भाव पर अब तक हो चुकी है । चने की सरकारी तुलाई  भी तय मुल्य पर शुरू हो चुकी है। प्रदेश मे दालो की आपुर्ति करने के लिये  ग्रीन झोन इलाके के की काई  175 दाल मिलो को चलाने की छूट कडे नियमो पर दी है ।  उनमें उत्पादन तो शरू हो चुका है मगर उत्पादको ,द्वारा मजदूर अभाव में कमजोर होना बताया जा रहा है । प्रदेशभर गेहूं की फसल लगभग कट चुकी है और किसान पूरे शोर से मंडियो की तरफ गेहू के बिक्रा हो जाने की आस लगाये मंडियो की तरफ ट्रेक्टर - ट्राले लेकर निकल चुके बताऐ जा रहे है। इंदौर शहर के थोक व्यपारियों ने प्रशासन से इंदौर थोक मंडी को खालने की गुहार की है । प्रशासन ने आने वाले सोमवार तक अगले हप्ते समीक्षा कर खेलने का आष्वासन दिया बता जा रहा है ।  इंदौर रेड झोन होने से यहां अभी काई दाल मिल चलाने की छूट प्रदेश सरकार नही दी है।  प्रदेशभर में कोई 500 दाल मिले है उनमें से 175 दाल मिलो को चलाने की छूट देने से कोई 500 टन विभिन्न दालो  का उत्पादन हो रहा है । इससे थोक व्यापारियो को दालो की आपूत्रि करने में अब परेशानी नही आ रही है । इंदौर में कोई 175 दाल मिले है। दाल मिल एसेसिएशन ने मिले चलाने हेतु आवेदन कर रखे है मगर अभी यहां की दाल मिलो को चलाने की अनुमति नही है । हांलाकि इंदौर प्रशसासन ने इंदौर के बाहरी इलाके के कुछ जैसे नेमावर रोड और उज्जैन रोड के  इंंड्रस्ट्रियल ऐरिया में खेलने की इजाजात दी गई बताया जा रहा है । वहां पर धीरे - धीरे छूट की गतिविधयां बढाने की हिदायत प्रशासन को दी है । जनता की आपूर्ति सुरक्षित रखन थहेतु केंद्र ओर प्रदेशिक सरकार द्वारा गरीबो को गेहूं, चाल, दाले अन्य वस्तुओ कीउपलब्धी सस्ते भाव चैन पर उपलब्धता कराई जा रही है । इससे केंद्रिय पूल में पडा अनाज सरकार द्वारा उपलब्ध कराया जा रहा है । इसी बीच कुछ दल-दलहनो में मामूली तेजी रही । म. प्र. अंचल की ग्रीन झोन थोक दलहन मंडियो में  चना कांटा 4200, मसूर 5500 मूंग 8800 से 9000 तुवॉर निमाडी 5100 से 52000 रू महाराष्ट्रा तुवॉर 5400 रू.। 

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