तेल-तिलहन वायदा व्यापार में लगातार मंदी

तेल-तिलहन वायदा व्यापार में लगातार मंदी
हमारे संवाददाता
इंदौर । इंदौर खाद्य तेलो में वैश्विक वायदा के साथ ही देशीय वायदा व्यापार एनसीडीईएक्स में भी जून-जुलाई तक वायदा व्यापार मंदी में होना बताया जा रहा है ।  इंदौर में लगातार लॉकडाउन की वजह से होटल-रेंस्ट्रा बंद है , घरो की खपत फायनेश्यिल प्राब्लम से घटी हुई । घल-मेल के नकली शुद्ध घी की मांग में कमी होन थसे मिठाईयो के नही बनने  और कई कारणो से खपत की कमी से मांग में गिरावट आई है । पाम तेल उत्पादक देशो में बढ रही इंवेंटरी और निर्यात नही होने उत्पादक देश परेशान बताये जा रहे है । मलेशिया ने निर्यात दर में कमी करना बताया है z मगर इंडेनेशिया ने भाव बढाया है । इससे भारत के आयातको का झुकाव मलेशिया के सस्सते पाम तेल की तरफ बढ सकता है । हांलाकि सरकार की तरफ से मलेशिया से आयात पर प्रतिबंध है ।  सुनने में आया है कि मलेशिया के प्रधानमंत्रााड्ड बदल जाने से भारत के संबंध पुन: अच्छे हो सकते है जिससे पाम तेल आयात का रास्ता खुल सकता है । कुछ आयतको के सौदे पाम तेल के आयतत्रात पर होने की भी खबरे है । सरकार का का रूख मलेशिया के प्रति बदलता है तो जल्द ही आयात हो सकता है ।  अमेरिकी रिपोर्ट के अनुसार सोयाबीन उत्पादक देशो में ब्राजील और अर्ज़ेंटिना तरफ सोयाबीन की बंपर पैदावर का होना बताया जा रहा हे विदेशो  में सोयाबान की हालत पतली बताई जा रही ह।  विश्वभर में कोविड-19 का असर रहने से  उधर में मंदी रही है । इससे उधर तेंलो में मंदी गहरा रही बताया जा रहा है । भारतीय बाजारो में थोक तरफ अधिक मांग नही होने से तेलो में मंदी नही थी  । देश में सोयाबीन भाव 3700 से 3900 रू थोक मंडी भाव क्वालिटी मुजब बताए जा रहे है । प्लांटो की खरीदी 3850 से 3900 रू तक हो रहा बताया जा  है । इंदौर में कोरोना प्रभाव के कारण कंपलिट लॉकडाउन चल रहा होने से बाजार और मंडिया बंद थी ।  
मिली खबरो के अनुसार कोरोना प्रभाव से विश्व कब मुक्त होगा इसी डर से भी वैश्विक उत्पादन और मांग का बैमेल जारी है बताया जा रहा है । देशीय वायदा व्यापार में साया तेल जून का मंदी में  777 रू तक की मंदी बताई जारी रही और सोयाबीन 3800 रू तक होना बताया जा रहा है । वर्तमान में सोया तेल के थोक भाव 810-815 रू है सोयाबीन का भाव 3980 से 3950 रू तक क्वालिटी मुजब होना बताया जा रहा है । बीते वर्ष में खरीफ और रबि की तिलहन फसल का बंपर उत्पादन रहा था । इस वर्ष सोयाबीन के लाभकारी भाव अच्छे उपजने की दशा में  सोयाबीन की खेती रकबा बढने की धारणा कृषको से मिल रही है । वर्षा का भी दौर इस वर्ष अच्छा रहने की धारणा है । इससे खरीफ फसल का हर घटक का उत्पादन भी बेहतर रह सकता है । घटती मांग और बढते स्टॉक पर  थोक मंडी और खेरची भाव तेलो पर उंचे है और जनता को इससे अधिक 15 प्रतिशत तक उंचे भाव पर संतोष  करना पड रहा है । इसके पीछे लदान और परिवहन खर्चा व्यापारी बताता है । जिसके कारण भाव उन्हे उंचे रखना पड रहे है । पंशासन भी कोविड समय में भाव के पीछे अधिक सखती नही करता बताया जा रहा है ।  
इसी बीच इंदौर शहर का रेड झोन में रहना लगातार जारी रहा है । हांलाकि शासन स्तर पर शहर के आसपास के गांव जहां ग्रीन इलाके राज्य शासन ने घोषित कर रखे है वहा सराकर ने 18 मई से कुछ नियमो के तहत बाजार खोलने की ढील दी है। इंदौर में  प्रशासन पूरी सख्ती के साथ कारोना वायरस से जनता के बचाव में जूझ रहा है । म.प्र.  इंदौर  में जन प्रभावित  में कुछ कमी आई मगर हॉट स्पट की श्रेणी से बाहर आना अभी मुश्किल प्रतीत हो रहा है । इंदौर में शहरी थोक मंडियां बंद होने से किसान पेरशान है । थोक व्यापर जगत लगातार राज्य और निगम प्रशासन के संपर्क मे ंबताया जा रहा और थोक मंडियोक थ व्यापार को खेलने की गुहार नियम तरीके से करने की कर रहे है । प्रशासन के जिला कलेक्टर श्री मनीष सिह भी लगातार निगम आयुक्त के मिलकार मानीटरिंग कर रहे है । उन्होने व्यापार जगत को आश्स्त किया है कि जल्द ही निर्णय व्यपारियों के हित में लिया जाऐगा।  विश्वभर में फैले कोरोना वायरस से उद्योग-व्यापार जगत का भारी नुक्सान बढता जा रहा है । सोया उद्यााथग के उत्पादन में हाल फिलहाल उत्पादन में बढौत्री मजदूरो की कमी से नही हो पा रही है बताया जा रहा है । खेरची और दूसरे शहरो के दिसावरी व्यापार जगत की मांग अभी नही बढने से उत्पादन की कमी और स्टॉक में कमी होना बताई जा रही है ।

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