मसालों का निर्यात यूरोपीयन देशों को अप्रैल में 67 फीसदी घटा

मसालों का निर्यात यूरोपीयन देशों को अप्रैल में 67 फीसदी घटा
मुंबई। कोरोना वायरस माहमारी की वजह से यूरोपीयन देशों को अप्रैल 2020 में मसालों का निर्यात 67 फीसदी घटने की आशंका है। अप्रैल 2020 में यह निर्यात 2250 टन रह सकता है। अप्रैल 2019 में यह निर्यात 7162 टन था। यह जानकारी भारतीय मसाला बोर्ड ने दी है। 
मसाला बोर्ड के मुताबिक इंटर-स्टेट ट्रांसपोर्ट उपलब्ध न होने, बंदरगाहों पर लॉजिस्टिक्स मसले होने से मसालों का निर्यात घटा है। कोरोना की वजह से सप्लाई चेन एवं मांग बड़े स्तर पर प्रभावित हुई है जिसकी वजह से ऑर्डर कैंसिल हुए हैं। यूरोपीयन देशों को अप्रैल में हल्दी एवं हल्दी उत्पादों का निर्यात 970 टन, लाल मिर्च का निर्यात 562 टन, सीड स्पाइसेस का निर्यात 433 टन, करी पावडर एवं आचार का निर्यात 188 टन, सौंठ का निर्यात 94 टन हुआ जबकि शेष निर्यात जावित्री जायफल का रहा। निर्यात घटने से देश में मसालों के स्टॉक में बढ़ोतरी हुई है एवं मजदूरों के पलायन से कारोबार प्रभावित हुआ है। देश में राष्ट्र व्यापी लॉकडाउन 25 मार्च से है। 
हालांकि, भारत में अब सभी बंदरगाह खोल दिए गए हैं एवं वे सीमित संसाधनों के साथ कार्य कर रहे हैं। बता दें भारत मसालों के निर्यात में सबसे बड़ा देश है एवं यूरोपीयन देशों को कुल निर्यात का 27 फीसदी हिस्सा बेचता है।

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