एफडी और बचत खाते पर घटेगा ब्याज, दूसरे उत्पादों में लोग करेंगे निवेश

एफडी और बचत खाते पर घटेगा ब्याज, दूसरे उत्पादों में लोग करेंगे निवेश
आरबीआई के 40 बीपीएस रेपो रेट घटाने से 
मुंबई । भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा रेपो और रिवर्स रेपो रेट में कटौती के बाद अब ग्राहकों द्वारा बचत खाते और एफडी में पैसा रखने का रुझान कम हो सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि आरबीआई के फैसले के बाद इन दोनों उत्पादों पर ब्याज कम हो जाएगी। ऐसे में ग्राहक अब वित्तीय बचत का दूसरा रास्ता अपना सकते हैं। साथ ही बैंकों को इस कटौती के बाद फंड की लागत भी घट जाएगी। 
इस मामले में एक बैंकर्स ने बताया कि पहले से ही एफडी और बचत खाते पर ब्याज दरें निम्न स्तर पर हैं। अब जब आरबीआई ने रेपो रेट में 40 बीपीएस की कटौती की है तो इससे ग्राहकों के कर्ज की किश्त भी घटेगी और उसके साथ एफडी और बचत खाते पर भी ब्याज दरें घटेंगी। इस बैंकर्स के अनुसार जब ग्राहकों को दिया जाने वाला कर्ज सस्ता होगा तो निश्चित तौर पर उनसे ली जाने वाली डिपॉजिट भी सस्ती होगी। ऐसे में कर्ज पर ब्याज दरें घटने के साथ ही एफडी और बचत पर भी ब्याज दरें घट जाएंगी। 
एक विश्लेषक के मुताबिक जो ग्राहक एफडी और बचत खाते से ब्याज पर निर्भर थे, वे अब इसे छोड़कर कॉर्पोरेट बांड में या कंपनियों की डिपॉजिट का रास्ता अख्यितार कर सकते हैं। क्योंकि यहां अभी भी 7 प्रतिशत से ज्यादा की ब्याज दरें मिल रही हैं। इसी तरह से ग्राहक दूसरे साधन के रूप में म्यूचुअल फंड में एसआईपी कर सकते हैं जहां लंबी अवधि में 9 प्रतिशत तक का रिटन मिलना संभव है।  
यही नहीं, ज्यादातर ग्राहक अब सरकार की छोटी बचत योजनाओं जैसे ईपीएफ, किसान विकास पत्र, पोस्ट ऑफिस डिपॉजिट और सुकन्या समृद्धि योजना आदि की ओर जा सकते हैं। क्योंकि यहां भी अभी अच्छी खासी ब्याज दरें मिल रही हैं। कुछ लोगों का मानना है कि कुछ ग्राहक बीमा के उत्पादों को पसंद कर सकते हैं। यहां भी बैंकों की तुलना में ज्यादा ब्याज दरें मिल रही हैं।

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