धागे में उठाव नहीं

हमारे संवाददाता
आलोच्य सप्ताह मे धागे का कम उठाव होने के कारण ही बाजारो मे धागे के भाव  काफी कम है। कोर्स एव फाईन काउट सभी प्रकार के धागो के भावो मे मुलायमी का रूख है। कैनावास की आटो मषीनो पर बनने वाली कैनवास की दिल्ली व दिसावर की मंडियो मे जोरदार माँग है। कस्बा पिलखुवा कंटेनमेंट जोन मे होने के कारण ही पूरा  कस्बा पिलखुवा पिछले तीन से अधिक का समय बीतने के बाद आज भी सील पडा हुआ है। कारोबारी अब चादरो को कारोबार प्रतिष्इान बंद होने के कारण चोरी छिपे ही सुबह पाँच बजे तक मालो को तैयार कराकर के भेज देते है। पुलिस की सुबह के समय ढील होने के चलते ही कामकाज थोडे समय के लिये ही हो रहे है। 
व्यापारिक सूत्रो से मिली जानकारी के अनुसार देषभर के कपडा उत्पादन केद्रो पर घागे का अब कम ही उठाव हो रहा है। प्रवासी मजदूरो के अपने गाँवो को लौट जाने के बाद अभी अपने अपने दूसरे राज्यो मे काम पर नही लौटने के कारण कपडे का उत्पादन कम ही हो रहा है। धागे का कम उठाव होने से मिलो को तैयार स्टाक की निकासी कम ही गति से हो रही हे। दिल्ली मे सूत का कारोबार करने वाले सूत कारोबारियो मे मोहन लाल गुप्ता का कहना है कि धागे का उठाव अभी बहुत ही कम हो रहा है। धागा कारोबारी अपने स्टाक मे रखे तेयार धागे को बाजारो की स्थिती को ध्यान मे रखकर के ही बैंच रहे है।  कोर्स काउट के धागो मे उठाव कम होने से मिल वाले स्टाक की निकासी और बैंको के ब्याज से बचने के लिये भाव तोडकर के तैयार धागे को बेच रहे है।  
नगर के अंदर चोरी दिपे ही मषीने चल रही है। इसके अलावा षहर से बाहर लगी पावर की आटोमेटिक आटो लूमे चल रही है। मषीनो पर कैनवास की माँग के अनुरूप ही कारोबारी मालो को बनाकर के सप्लाई दिसावर व आसपास की मंडियो मे भेज रहे है। आसपास के गाँवो के श्रमिक होने के कारण ही यहाँ के कारोबारियो के सामने श्रमिको की कोई ज्यादा समस्या नही है।  
कस्बा पिलखुवा लाक डाउन तो खत्म हो गया अब लाक डाउन वन के चलने पर  भी कस्बा पिलखुवा के कारोबारियो को कोई राहत नही मिली है।पूरा कस्बा पिलखुवा कंटनेमेंट जोन मे सील होने के कारण कपडा कारोबार की गतिविधया बहुत ही कम हो रही है जो भी हो रही वो पुलिस की निगाह से बचाकर के हो रही है। बदलते परिवेष मे कारोबारी रात मे माल तेयार करके सुबह को माल टाँन्सेपोर्अ पर रवाना कर देते है। कोराबारी पुलिस की सख्ती के चलते ही दिन मे काम नही करते है। कारोबारियो का कहना है कि दिसावर की मंडियो के कैनवास , चादर सहित अनेक किस्म के तैयार मालो के भरपूर आर्डर है। नगर जिस समय औरेज व ग्रीन जोन मे आने के काद ही कारोबारो के पटरी पर चढने की पूरी सम्भावना है।  
व्यापारिक सूत्रो की माने तो पता चलता है कि जिन मंडियो से कारोबारियो के पास पैसा आ रहा है उन मंडियो मे ही कारोबारी तैयार चादर हो या केनवास के मालो की सप्लाई कर रहे है जिन मंडियो से भुगतान समय से आ रहा है। 

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