सूती धागे की लेवाली से भावों में सुधार

सूती धागे की लेवाली से भावों में सुधार
हमारे संवाददाता
इस साल गर्मी का मौसम कम रहा, लोकडाउन में घर पर रहने तथा बाहर की भागदौड़ से भी गर्मी का एहसास कम हुआ। साईकलोन की अच्छी बरसात से भी तापमान गिरा और अब मालेगांव में बरसात का मौसम बना हुआ है। लेकिन आ नहीं रही है तथा उमस बढ़ती जा रही है। अब तो मानसून आना ही है। खेती-बारी के काम तथा 29 जून को शादी की आखरी तारीख के बाद चौमासा (बरसात के चार माह) में शादियां नहीं होती। लोकडाउन के बाद व्यापार पटरी पर आ रहा है तथा आगे आने वाले दिनों में और सुधार की संभावना पुरी है। काउन्टर सेल में किराना और मेडिकल को छोड़कर अभी ग्राहकी कमजोर है। मालेगांव में दिशा अनुसार एक दिन खुला और एक दिन अभी बाजार बंद रहते हø। ये सरकारी फरमान है और सब जानते हø कि यह कितना लागू होता है।
सूत बाजार में 28/30/34 काउन्ट में लेवाली होने से हल्का सुधार है। कुछ पीसी और रोटो चलाने वाले बुनकर सूती कपड़े में आने से तथा कपड़ा बिकने से लेवाली बनी हुई है। रोटो के यार्न में रुपया कमजोर है तथा पीसी के यार्न में 3/4 रुपया किलो कम हुआ है। जब तक पूरे लूम्स 24 घंटा नहीं चले तब तक ऐसी ही घटबढ़ चलती रहेगी। मालेगांव साइजिंग और एनजीटी की तारीख शुक्रवार 26 जुलाई को सुनवाई है, तब तक लटकती तलवार जैसा लग रहा है।
सूती धागा : सूती धागे में 28/30/34 काउन्ट में लेवाली होने से सुधार हुआ है तथा 44/60 के भाव रुके हुए हø। सूत व्यवसायी बादल चौधरी ने बताया कि 44-60 के भाव घट सकते हø। पापलीन की लेवाली पर 28/30/34 के भाव पर निर्भर है। पेमेन्ट पोजिशन ठीक होती जा रही है। अब बरसात में हल्के यानी मीडियम क्वालिटी के यार्न में लेवाली रहेगी। बाजार में घटबढ़ जारी रह सकती है।
रोटो और पीसी : रोटो का यार्न रुपया किलो घटा है और जीरों का भाव स्थिर है। युवा व्यापारी भरत चौधरी ने बताया कि कपड़ा नहीं चलने से लेवाली कमजोर है और बिक्री का दबाव बढ़ता जा रहा है। पीसी में 3 से 4 रुपया किलो भाव कम होने से लेवाली कमजोर होने से व्यापार नहीं हो पा रहा है।
भावताव सभी 5 किलो : 28 वार्प 860। 30 वार्प 870 से 880। 34 बाना वेफ्ट 890 से 905। 40 वार्प 960। 44 वार्प 2x2 1040 से 1050। 60 वेफ्ट 1010 से 1020।

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