चना वायदा में तेजी से हाजिर में भी तेजी

चना वायदा में तेजी से हाजिर में भी तेजी
दाल-दलहन ऊंचे भाव पर रहने से ग्राहकी कमजोर
हमारे संवाददाता  
स्थानीय संयोगिता गंज थोक मंडी में दलहन-तिलहनों की   आवक अच्छी हो रही है जिससे उच्च भावों को ब्रेक तो लगा है।  गत् हप्ते चने में नेफेड की भारी खरीदी रही होने से  वायदा के साथ ही हाजिर व्यापार में भी तेजी रही। चने का एमएसपी भाव 4875 रु.  है।  हालांकि थोक हाजिर भाव 4275 रु. तक था। कृषकीय क्षेत्रों से मिली खबर के अनुसार गत् वर्ष मे रबि और खरीफ दोनों फसलों के बेहतर उत्पादन रहे है। उनके अनुसार इस वर्ष भी मानसून प्रगति फिलहाल अच्छी है और खरीफ फसलों के बोआई भी शुरू हो चुकी है। चना का उत्पादन गत्  वर्ष चहुंओर अच्छा हुआ था। कृषकों के विश्लेषकों के अनुसार गत् वर्ष चने की सभी किस्मों में कोई 110 लाख टन की पैदावार बनी थी। इस वर्ष भी सामान्य खरीफ कृषि उत्पादन की ही संभावना है। म.प्र. की अन्य मडियों और इंदौर की मंडियों में चना, काबुली चना की छिटपुट आवकों में पुराना काबुली डंकी चने की थोक कृषि मंडी में भारी आवकों का होना बताया जा रहा है। डंकी चने का थोक मंडी भाव 3800 से 4000 रु. तक होना बताया जा रहा था। अच्छे काबुली चना के भाव 5500 से 5600 रु. थोक में बताए जा रहे थे। मूंग, मसूर, उड़द की आवकों में भी तेजी हो गई बताते है। गत् हप्ते भारी आवकों के बीच उड़द और दाल में लेवाल कमजोर पड़ने से भाव कोई 100 रु. तक टूटे बताए गये है। गरीबों की मूंग दाल भाव में नरमी नहीं हुई बताते है। सीजन नहीं होने से बहुराष्ट्रीय कंपनीयों द्वारा पुराना  स्टॉक का चना सट्टा करके निकाला जा रहा बताते है।  थोक मंडी में काबुली चने की आवके कोई 500 से 700 हजार बोरिया की रही बताते है। चना विगत् वर्ष से अच्छे उत्पादन और स्टॉक की बदौलत 3700 से 4100 रु. के बीच भाव डोलता रहा था। चने की मांग बढ़ने से चना दाल में  कोई 50 रु. तक की तेजी पिछले हप्ते में हुई बताते है। भाव चना कांटा का थोक मंडी में 4250 से 4275 रु. तक होना बताया गया है। वहीं चना दाल भी बढ़कर 4800 निम्न-मध्यम 5300 से बेस्ट में 5400 रु. तक होना बताई जा रही थी।  चने के बाद नई मसूर भी आगे भारी मात्रा में आने की संभावना बताई जा रही है। मसूर में मंदी नहीं होना बताई गई भाव 5620 से 5650 रु. तक होना बताए गये है। गत् हप्ते मूंग लगभग 100 रु. तेज होकर नयी और पुरानी का भाव 7600 से 7800 रु. तक होना बताया गया है। मूंग दाल भारी ऊंचे में कमजोर मांग के चलते स्थिर रही है। भाव गत् हप्ते 9000 रु. तक थे। खेरची भाव मूंग दाल का 115 से 140 रु. प्रति किलो तेक होना बताया जा रहा था। डिब्बा वायदा व्यापार और सटोरियों के साथ ही हाजिर व्यापारी भी अब  वायदा व्यापार से दा कदम आगे चलना चाह रहे प्रतीत होते हø। 

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