धनिया के भाव में वृद्धि की संभावना

धनिया के भाव में वृद्धि की संभावना
हमारे संवाददाता
कोटा। धनिया की घरेलू एवं विदेशी मांग से इसके दाम पिछले एक सप्ताह में 400 रुपए प्रति क्विंटल बढ़े हैं एवं यह बढ़त अभी जारी रह सकती है। धनिया की मुख्य मांग का समय मार्च से जून होता है एवं इस दौरान तकरीबन 40 लाख बोरी (प्रति बोरी 40 किलोग्राम) खपत में गया है। शेष आठ महीने में धनिया की खपत 55 से 65 लाख बोरी रह सकती है। 
कारोबारियों के मुताबिक कोरोना काल में लॉकडाउन होने के बावजूद गुजरात, मध्य प्रदेश एवं राजस्थान की धनिया मंडियों में काराबार सामान्य रुप से हुआ जिसकी वजह से 40 लाख बोरी धनिया खपत में गया है। मानसून शुरु होने पर हर साल की इसकी मांग जुलाई से सुस्त पड़ जाती है एवं शेष आठ महीनों में हर महीने 7-8 लाख बोरी इसकी मांग रहेगी। इस तरह नई फसल आने से पहले आठ महीनों में इसकी खपत 55-65 लाख बोरी रहने का अनुमान है। कारोबारियों का कहना है कि अच्छी मांग की वजह से धनिया के दाम पिछले एक सप्ताह में 400 रुपए प्रति क्विंटल चढ़े हैं जबकि, आने वाले दिनों में यह 200-300 रुपए प्रति क्विंटल और बढ़ सकता है। 
कारोबारियों का कहना है कि धनिया की बड़ी खपत होटल एवं रेस्टोरेंटस में होती है लेकिन लॉकडाउन की वजह से ये बंद पड़े हैं। धनिया की सालाना खपत 120 लाख बोरी है लेकिन रेस्टोरेंटस एवं होटल्स बंद होने से अब यह खपत 100 लाख बोरी रहेगी। धनिया की कुल मांग में 20 लाख बोरी की कमी आई है। इस कमी की वजह से साल के अंत तक धनिया की शोर्टज शायद ही खड़ी हो। 
दूसरी ओर, जुलाई में रुस, यूक्रेन एवं बल्गारिया का नया धनिया बाजार में आ जाएगा। इस साल इन देशों में भी धनिया की उपज बेहतर बताई जा रही है। हालांकि, रुस में पिछले दिनों हुई बारिश से धनिया की क्वॉलिटी बिगड़ने की आशंका है लेकिन मसाला इंडस्ट्री में यह खप जाएगा। यद्यपि, इन देशों के उपज के अंतिम आंकडे सामने नहीं आए हैं लेकिन कारोबारियों से मिली आरंभिक जानकारी बताती है कि उपज अच्छी है। इन तीनों देशों की सरकारों के मुताबिक कुल धनिया बोआई वर्ष 2019 में 74653 हैक्टेयर में रही जो वर्ष 2018 में 41719 हैक्टेयर में थी। इस तरह धनिया बोआई में 179 फीसदी का इजाफा देखा गया। इन देशों में वर्ष 2019 के दौरान 61925 टन धनिया का उत्पादन हुआ जो वर्ष 2018 में सूखे एवं बर्फबारीसे फसल को हुए नुकसान के कारण महज 19587 टन था। यदि इस उत्पादन को 40 किलोग्राम की बोरी में परिवर्तित किया जाए तो यह उत्पादन वर्ष 2019 में 15.5 लाख बोरी रहा जो वर्ष 2018 में 4.9 लाख बोरी था। वर्ष 2019 में धनिया की प्रति हैक्टेयर यील्ड 12 बोरी की तुलना में 21 बोरी पहुंच गई। रुस, बुल्गारिया एवं यूक्रेन में धनिया का ओपनिंग स्टॉक आठ लाख बोरी एवं उत्पादन 15.5 लाख बोरी को शामिल कर लिया जाए तो कुल सप्लाई 23.5 लाख बोरी रही। 
भारत में इस साल धनिया का उत्पादन 85-90 लाख बोरी रहने का अनुमान है जो वर्ष 2018-19 में 75 लाख बोरी था। देश में धनिया उत्पादन करने वाले राज्यों में इसका रकबा सबसे ज्यादा गुजरात में बढ़ा। गुजरात में इस वर्ष धनिया के रकबे में 198 फीसदी की जोरदार बढ़ोतरी हुई। राज्य में चालू रबी सीजन में धनिया की बोआई 88405 हैक्टेयर में हुई जो वर्ष 2018-19 में 29630 हैक्टेयर में थी। गुजरात में पिछले सीजन के समय सूखा होने एवं पानी की कमी होने से बोआई काफी कम हुई थी। धनिया के दूसरे सबसे बड़े उत्पादक राज्य राजस्थान में इस साल धनिया की बोआई 13 फीसदी बढ़ी। राज्य में धनिया की बोआई 77900 हैक्टेयर में हुई है जो वर्ष 2018-19 में 68784 हैक्टेयर थी। जबकि मध्य प्रदेश में इसमें थोड़ी कमी आई है। मध्य प्रदेश में इस साल धनिया की बोआई 272406 हैक्टेयर में हुई है जो पिछले साल 279980 हैक्टेयर था। लेकिन सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध होने से उत्पादन में बढ़ोतरी होने की संभावना है। मध्य प्रदेश एवं राजस्थान में धनिया की यील्ड बढ़कर 1.6 टन प्रति हैक्टेयर रही जो आम तौर पर 1.2-1.4 टन होती है। लेकिन गुजरात में यह 1.6 टन प्रति हैक्टेयर से बढ़कर 1.8 टन पहुंचने का अनुमान है। धनिया का सीजन 2019-20 में ओपनिंग स्टॉक 35 लाख बोरी रहने का अनुमान है जबकि उत्पादन अनुमान को इसमें जोड़े तो कुल आपूर्ति 120-125 लाख बोरी रहने की संभावना है जबकि इसकी खपत 120 लाख बोरी सालाना रहती है। 
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारतीय धनिया 800-825 डॉलर प्रति टन बोला जा रहा है जबकि रुस का धनिया 900 डॉलर प्रति टन पर आफर किया जा रहा है। भारतीय धनिया सस्ता होने से इसकी मांग अच्छी है। भारत का धनिया निर्यात मई 2020 में मई 2019 की तुलना में 46 फीसदी बढ़ा जबकि यह मार्च में 33 फीसदी एवं अप्रैल में 10 फीसदी घटा था। इस साल फरवरी से मई के दौरान देश से कुल धनिया निर्यात 14477 टन पहुंच गया जो फरवरी से मई 2019 के दौरान 14155 टन था। देश से वर्ष 2020 में फरवरी महीने में 2603 टन, मार्च में 2820 टन, अप्रैल में 3694 टन एवं मई में 5360 टन धनिया निर्यात हुआ। यह निर्यात फरवरी 2019 में 2145 टन, मार्च में 4236 टन, अप्रैल में 4093 टन एवं मई में 3681 टन था।

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