चने के भाव पर रहेगा दबाव

चने के भाव पर रहेगा दबाव
विनिपग। एग्रीकल्चर एंड एग्री फूड कनाडा (एएएफसी) ने अपनी जून महीने की ताजा रिपोर्ट में कहा है कि वर्ष2019-20में कनाडा का चना निर्यात गिरकर 1.25 लाख टन रहेगा। निर्यात घटने की वजह पाकिस्तान की मांग में कमी आना है। निर्यात घटने से कैरी-आउट स्टॉक में बढ़ोतरी होगी जिसका इसके भावों पर दबाव रहेगा। वर्ष 2020-21 में कनाडा में चने की खेती का रकबा घटने के आसार हैं क्योंकि चने की फसल ने किसानों को अन्य फसलों की तुलना में रिटर्न कम दिया है। 
एएएफसी के मुताबिक कनाडा का चना निर्यात वर्ष 2020-21 में 1.25 लाख टन रहने का अनुमान है। इसके वर्ष 2019-20 में 1.25 लाख टन रहने की संभावना है। यह निर्यात वर्ष 2018-19 में 1.47 लाख टन रहा। कनाडा में चने की खेती वर्ष 2020-21 में एक लाख हैक्टेयर,वर्ष 2019-20 में 1.56 लाख हैक्टेयर में रहने की संभावना है। यह खेती वर्ष2018-19में 1.76लाख हैक्टेयर में रही। 
एएएफसी का कहना है कि चने का उत्पादन वर्ष 2020-21 में 1.70 लाख टन रहने का अनुमान जताया गया है। वर्ष 2019-20 में यह उत्पादन 2.52 लाख टन रहने का अनुमान है जो वर्ष2018-19में 3.11 लाख टन था। 
कनाडा में वर्ष 2020-21 में चने का कैरी-आउट स्टॉक एक लाख टन रहने का अनुमान है। वर्ष 2019-20 में चने का कैरी-आउट स्टॉक 1.40 लाख टन आंका गया है। यह वर्ष2018-19में एक लाख टन रहा। 
अमरीकी कृषि विभाग (यूएसडीए) ने वर्ष2020-21में अमरीका में चने की खेती वर्ष 2019-20 की तुलना में 32  फीसदी घटकर 3.1 लाख एकड़ में रहने का अनुमान जताया है। अमरीका में चने का उत्पादन वर्ष 2020-21 में 30 फीसदी घटकर दो लाख टन रहने की संभावना है। 
एएएफसी ने अपनी ताजा रिपोर्ट में फसल वर्ष 2020-21 के लिए चने का औसत भाव 455-485 कनाडाई डॉलर प्रति टन यथावत रखा है। जबकि फसल वर्ष 2019-20 के लिए पांच डॉलर बढ़ाकर 470-490 कनाडाई डॉलर प्रति टन किया गया है। वर्ष2018-19में चने का औसत भाव 480 कनाडाई डॉलर प्रति टन रहा।

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