ई-कामर्स कंपनियों पर सख्ती बरतेगी सरकार

ई-कामर्स कंपनियों पर सख्ती बरतेगी सरकार
भारत में एसेंबल उत्पाद होगा `मेड इन इंडिया'
हमारे संवाददाता  
नई दिल्ली । उद्योग एवं आंतरिक व्यापार प्रोत्साहन विभाग (डीपीआईआईटी) ने 24 जून 2020 को अमेजन और फ्लिपकार्ट जैसी ई-कॉमर्स प्लेटफार्म उपलब्ध कराने वाली कंपनियों से उनके प्लेटफार्म पर उनके उदृगम देश का नाम अंकित किए जाने के बारे में उनके विचार मांगे ह्यøद्बरह्वन्कँ लेकर ई-कॉमर्स कंपनियों ने कहा है कि इस प्रकार की सूचना को उत्पादों पर दर्शाने का काम हो सकता है बहरहाल इसे अमल में लाने के लिए उन्हें कुछ समय देना होगा।  
दरअसल उद्योग एवं आंतरिक व्यापार प्रोत्साहन विभाग (डीपीआईआईटी) द्वारा एक बैठक आयोजित की गई थी।जिसमें इस बारे में विस्तार पूर्वक चर्चा हुई।जिसके तहत अमेजन, फ्लिपकार्ट, स्नैपडील, टाटा क्लिक, पेटीएम,उटड़ान और पेप्परफ्राई ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए इस बैठक में भाग लिया।इस बैठक में ई-कॉमर्स कंपनियों की तरफ से उनके प्लेटफार्म पर बेचे जाने वाले उत्पादों के मूल सोर्स (जिस देश में उत्पाद बना है) की घोषणा करने के मामले में होने वाली परेशानियों की दलील दी गई। जिसको लेकर कंपनियों की तरफ से कहा गया कि कई ऐसे आइटम है जिसकी असेंबलिंग भारत में होती है बहरहाल उस आइटम को पूरी तरह तैयार करने में कई देशों से आने वाले सामान इस्तेमाल में लाए जाते है ।

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