रेडीमेड गार्म़ेंट, लेदर एवं इंजीनियरिंग गुड्स निर्यातकों को लाभ

रेडीमेड गार्म़ेंट, लेदर एवं इंजीनियरिंग गुड्स निर्यातकों को लाभ
कई देश अब चीन के बजाय भारतीय निर्यातकों के संपर्क में  
रमाकांत चौधरी       
नई दिल्ली । कोरोना महामारी के चलते वैश्विक स्तर पर चीन के खिलाफ बनने वाले माहौल का फायदा भारतीय निर्यातकों को मिलने लगा है।जिसको लेकर चीन से सामान खरीदने वाले कई देश अब खरीदारी के लिए भारतीय निर्यातकों से संपर्क साध रहे है । तहत रेडीमेड गारमेंट,लेदर एवं इंजीनियरिंग गुड्स के निर्यातकों क zपास इन दिनों यूरोपीय देशों के साथ साथ जापान,ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीKzंण्ड जैसे देशों से खरीदारी के लिए पूछताछ आ रही है।  
दरअसल भारतीय निर्यातकों की तरफ से कहा गया है कि चीन वार्षिक 2500 अरब डॉलर मूल्य का निर्यात करता है और यदि चीन का एक प्रतिशत निर्यात भी भारत की तरफ स्थानांतरित होता है तो भारत को 25 अरब डॉल्र यानी लगभग 1.87 लाख करोड़ `पए का नया ऑर्डर मिलेग जो कि भारतीय निर्यात का लगभग 8 प्रतिशत होगा।जिसको लेकर फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑगेनाइजेशंस (फियो) के अध्यक्ष शरद कुमार सराफ ने कहा कि चीन के खिलाफ जो माहौल बना है निशचित `प से हम उसका लाभ मिलने जा रहा है।जिसके तहत निर्यात के कई क्षेत्र में उन देशों से खरीदारी के लिए पूछताछ की जा रही है जो कि अब तक चीन से माल खरीदते थे।उन्हेंने कहा कि बहुत ही सोच समझकर खरीदारी करने वाला देश जापान भी इन दिनों भारत से रेडीमेड गारमेंट खरीदने में दिलचस्पी ले रहा है।हालांकि जापान इससे पहले से ही चीन से नाखुश है और कोरोना महामारी के बाद से जापान अपनी कंपनियों को चीन से निकलने के लिए इनसेंटिव तक दे रहा है।वहीं इंजीनियरिंग गुड्स के निर्यातक एस सी रल्हन ने कहा कि चीन से मोहभंग होने से यूरोपीय देशों सहित अमेरिका के कई नए खरीदार उनके लगातार पूछताछ कर रहे ह्यøद्बङ्क्षन्थ् में उम्मीद हे कि इनमें से अधिकतर पूछताछ ऑर्डर में बदलेंगे।वहीं लेदर गुड्स के निर्यातकों की तरफ से कहा जा रहा है कि चीन को छोड़कर कई देश भारत को ऑर्डर देना चाह रहे ह्यø बहरहाल कच्चे माल की पर्याप्त आपूर्ति और तय समय पर ऑर्डर की डिलीवरी करने पर ही उस देश के साथ उनके सबंध मजबूत बनेंगे।वैसे तो इस वर्ष अप्रैल से शु` हुए वित्त वर्ष में कोरोना के चलते पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 10 प्रतिशत की गिरावट की आशंका जताई जा रही है।जिसके तहत चालू वित्त वर्ष के शु`आती दो महीनों यानी अप्रैल-मई के तहत वस्तुओं के
निर्यात में पिदले वित्त वर्ष के समान अवधि की तुलना में 47 प्रतिशत गिरावट रही है।ऐसे में अब कोरोना संकट के `ख पर बहुत कुछ निर्भर करेगा।  
इसीबीच भारतीय निर्यातकों की तरफ से कहा जा रहा है कि देश के बंदरगाह पर चीन से आने वाले कंटेनर के प्रत्येक सामान की केद्र सरकार के आदेश के बिना फिजिकल जांच की जा रही है।जिसके चलते बंदरगाह से निकलने में देरी के साथ सामान के खराब होने की भी आशंका है।ऐसे में भारतीय निर्यातकों की तरफ से कहा जा रहा है कि कई ऐसे सामान विशेष `प से इलेकृट्रॉनिक्स व मोबाइल से संबंधित सामान इतने नाजुक होते ह्य कि गहन चेकिंग के तहत उनके टूटने की आशंका रहती है। 

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