मास्क और सैनिटाइजर आवश्यक वस्तु से बाहर

हमारे संवाददाता
नई दिल्ली । पिछले दिनों कोरोना वायरस महामारी के बढते प्रकोप के चलते मोदी सरकार की तरफ से फेस मास्क और हøड सैनिटाइजर को आवश्यक वस्तु अधिनियम में शामिल किया गया था ताकि कालाबाजारी नहीं हो और उपभोक्ताओं को आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी।बहरहाल अब देश में फेस मास्क और हøड सैनिटाइजर की आपूर्ति पर्याप्त हो गई है।ऐसे में मोदी सरकार की तरफ से फेस मास्क और हøड सैनिटाइजर को आवश्यक वस्तु अधिनियम की सूची से बाहर कर दिया है।ऐसे में फेस मास्क और हøड सैनिटाइजर की कीमत बढने की आशंका है।ऐसे में उपभोक्ताओं को फेस मास्क और हøड सैनिटाइजर की खरीदी करने पर जेब ढीली करनी पड़ सकती है।
दरअसल मोदी सरकार की तरफ से फेस मास्क और हøड सैनिटाइजर को आवश्यक वस्तु अधिनियम की सूची से बाहर कर दिया है।ऐसे में इस नए फैसले से फेस मास्क मास्क और हøड सैनिटाइजर की कीमत बढने की आशंका बढ गई है।ऐसे में एक बार यह नियम बदलने से 2-3 प्लाई सर्जिकल फेस मास्क,एन-95 मास्क और हøड सैनिटाइजर की कीमतें बढेगी।जिससे आखिरकार उपभोक्ताओं को फेस मास्क और हøड सैनिटाइजर की खरीदी करने पर जेब ढीली करनी पड़ेगी।उल्लेखनीय है कि केद्र सरकार ने पहले नियम को इसलिए बदला था क्योंकि खुले बाजार में फेस मास्क और हøड सैनेटाइजर की आपूर्ति जटिल थी और खुले बाजार में कालाबाजारी शुरु हो गई थी और इसकी कीमत आसमान को छूने लगी थी।जिसको लेकर मोदी सरकार की तरफ से फेस मास्क और हøड सैनिटाइजर को आवश्यक वस्तु अधिनियम में शामिल किया था।जिसके तहत नियम का उल्लंघन करने वालों को 7 वर्ष जेल के साथ साथ जुर्माने की सजा देने का प्रावधान किया गया था।बहरहाल अब यह नियम बदलने से दुकानदार खुलेआम फेस मास्क और हøड सैनिटाइजर की कीमत को मनमर्जी से बढाकर मुनाफा कमाने की कोािशिश करेंगे।

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